
दिल्ली की कालकाजी विधानसभा से राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्षा अलका लांबा के लड़ने की चर्चा एक बार फिर जोरों पर है. ताजा कयास अलका के उस सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर लगाए जा रहे हैं, जो उन्होंने नए साल के मौके पर कालकाजी मंदिर जाकर किया है. साल के पहले ही दिन कालकाजी मंदिर जाकर अलका लांबा ने दर्शन किया और उसी इलाके से चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए. फिलहाल, दिल्ली की सीएम आतिशी कालकाजी विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं.
कांग्रेस अब तक दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 47 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है. अलका लांबा की उम्मीदवारी पर चर्चा पिछली लिस्ट आने से पहले भी हुई थी. अलका लांबा राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की वर्तमान प्रेसिडेंट हैं.
बड़े चेहरों पर कांग्रेस का दांव
कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के दिग्गजों के खिलाफ बड़े चेहरों को उतारने का फैसला किया है, जिसके तहत नई दिल्ली विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को टिकट दिया गया है. इसके अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सामने जंगपुरा सीट से फरहाद सूरी को उम्मीदवार बनाया गया है.
आतिशी की राह मुश्किल करने के लिए अलका लांबा पर कांग्रेस कालकाजी सीट से दांव खेल सकती है क्योंकि अलका इस सीट से आम आदमी पार्टी से विधायक रह चुकी हैं. हालांकि, 2015 से 2020 के बीच अलका लांबा चांदनी चौक विधानसभा से विधायक थीं लेकिन इस बार कांग्रेस ने इस सीट पर पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल के बेटे मुदित अग्रवाल को टिकट दिया है. अलका लांबा ने 2020 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर चांदनी चौक विधानसभा से ही लड़ा था लेकिन तीसरे नंबर पर रही थीं.
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दिल्ली यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ सियासी सफर
अलका लांबा ने अपने सियासी सफर की शुरुआत दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट लीडर के तौर पर की थी. साल 2003 में तब बीजेपी के दिग्गज रहे पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के सामने अलका लांबा मोतीनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं. इस बार वो खुराना से हार गईं थीं, लेकिन दिल्ली के दिग्गज को चुनौती देने के की वजह से उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं थीं.
अगर कांग्रेस कालकाजी सीट पर अलका लांबा को उतारने का फैसला लेती है, तो चुनाव काफी रोचक हो जाएगा क्योंकि बीजेपी भी दक्षिणी दिल्ली से पूर्व सांसद रहे रमेश बिधूड़ी को कालकाजी सीट से चुनाव लड़वाना चाहती है. अगर ऐसा हुआ तो तीन दिग्गजों के बीच जबरदस्त मुकाबला होने की उम्मीद है और दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी के लिए सियासी जंग काफी मुश्किल हो जाएगी.