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Rania Chunav Parinam: अर्जुन चौटाला 4191 वोटों से जीते, दूसरे नंबर पर कांग्रेस के सर्व मित्र

Rania Chunav Parinam: हरियाणा के 90 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में Rania सीट पर अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस के सर्व मित्र को 4191 वोटों से हरा दिया. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने अर्जुन चौटाला को मैदान में उतारा था.

रानिया में दादा-पोते के बीच लड़ाई रानिया में दादा-पोते के बीच लड़ाई
aajtak.in
  • रानिया,
  • 08 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 12:28 AM IST

Rania Chunav Parinam: हरियाणा के 90 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में Rania सीट पर अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस के सर्व मित्र को 4191 वोटों से हरा दिया. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने अर्जुन चौटाला को मैदान में उतारा था.

सबकी निगाहें रणजीत चौटाला और अर्जुन चौटाला पर टिकी हुई थीं कि कौन किसकी बाजी पलट सकता है. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने अर्जुन चौटाला को मैदान में उतारा था जबकि उसके दादा रणजीत सिंह चौटाला निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे.

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रानिया सीट पर मुख्य मुकाबला चौटाला परिवार के बीच ही था. इस क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 1,43,217 है जिसमें 76,372 पुरुष और 66,845 महिला मतदाता हैं. इसी साल लोकसभा चुनाव (2024) में हिसार सीट पर रणजीत सिंह ने चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें कांग्रेस के जयप्रकाश के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा था.

हरियाणा के नतीजों की गूंज दूर-दूर तक जाएगी, जहां शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के मन में लड्डू तो फूटा, लेकिन नतीजों में जीत वाली जलेबी का स्वाद बीजेपी ने चखा. हरियाणा के जनादेश ने बता दिया कि लोकसभा चुनावों के बाद विधानसभा चुनावों में भी भरोसा पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बना हुआ है.

जवान, किसान, पहलवान और संविधान प्रमुख रूप से ये वो चार मुद्दे हैं, जिनके दम पर जलेबी राहुल गांधी ने प्रचार के दौरान चखी, लेकिन स्वाद बीजेपी को आया. क्योंकि हरियाणा के 57 साल के इतिहास में पहली बार कोई पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है, तो वो बीजेपी है. सत्ता में रहते राज्यों में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के मामले में बीजेपी अब तक की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है. जहां बीजेपी की सफलता दर 61% है, यानी जनता का लगातार विश्वास जीतने में भी पीएम मोदी आगे हैं. हर चार में एक वोट की ताकत रखने वाले जाट समुदाय के दम पर कांग्रेस जीत के बारे में सोचती रही, लेकिन नतीजों ने कहानी कुछ और बताई. जाटलैंड में कांग्रेस की तीन सीटें घट गई और बीजेपी की तीन सीट बढ़ गईं.

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