
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में महाराष्ट्र के धारावी के विकास में कमी को लेकर पूर्व सांसद राहुल शेवाले, धारावी पुनर्विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कोर्डे और उत्तर-मध्य मुंबई लोकसभा क्षेत्र की कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने एक दूसरे पर कई आरोप लगाए. गौतम अडानी की ओर इशारा करते हुए कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि एक आदमी के लिए पॉलिसी नहीं बदली जा सकती है. ये रियल एस्टेट का सबसे बड़ा घोटाला है. वर्षा गायकवाड़ ने धारावी के प्रोजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र सरकार और अडानी पर निशाना साधा. अडानी का नाम लेकर उन्होंने कहा कि एक आदमी के लिए नियम बदल दिए गए हैं. इस प्रोजेक्ट में TDR जेनरेट लोड नही होता. किसी एक आदमी को फेवर करने के लिए सरकार पूरी मुंबई का सौदा कर रही है.
वर्षा के इन आरोपों का जवाब देते हुए राहुल शेवाले ने कहा कि धारावी के बार में बहुत गुमराह किया जा रहा है. 40 साल से धारावी को लेकर वोट ली जाती है. राहुल शेवाले सीएम शिंदे गुट के साथ हैं. बता दें कि धारावी मुंबई की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती है.
'सरकार एक को बादशाह बनाना चाहती है'
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि धारावी को एक सेक्टर में करने की बात चल रही है. हमने कई सुझाव दिए. उन्होंने कहा, हमारे लोगों का विकास होना चाहिए. हमने सरकार पर भरोसा किया. वर्षा ने कहा, 5 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट का सुबह पांच बजे भूमि पूजन किया जाता है. हम जानना चाहते हैं कि कितना परसेंट सर्वे हुआ है. सरकार अडानी को मुंबई का बादशाह बनाना चाहती है.
'कांग्रेस राजनीति करती है'
इन आरोपों का जवाब देते हुए राहुल शेवाले ने कहा कि कांग्रस राजनीति करती है. ये अडानी का प्रोजेक्ट नहीं है, ये महाराष्ट्र सरकार का प्रोजेक्ट है. उन्होंने कहा कि कोई भी निवेशक राजस्व के लिए काम करेगा. पिछले 40 वर्ष से इन्होंने धारावी पर राज किया, लेकिन विकास नहीं किया. टेंडर में कोई गड़बड़ी नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष बस गुमराह कर रहा है. हर बात में अडानी को लेकर आते हैं.
धारावी पुनर्विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कोरडे ने कहा कि ये प्रोजेक्ट मैच फिक्सिंग के तहत अडानी को दिया गया है. टेंडर की शर्तों इस हिसाब से बनाई गई थी कि उसके कॉम्पिटिटर उसमें हिस्सा न ले सकें. उन्होंने कहा कि अडानी के लिए एक नीलामी टेंडर चलाया गया. ये पहला प्रोजेक्ट है जिसमें लोगों ने कोई डिमांड नहीं किया है. वो मदर डेयरी की जमीन ले रहे हैं. इसके अलावा अन्य जगहों की जमीन ले रहे हैं.