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हाथ में सिर्फ 1 हजार रुपये कैश... J-K चुनाव में BJP का वो उम्मीदवार, जिसकी 10 साल में कम हो गई संपत्ति

जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव हो रहे हैं. पहले चरण में जम्मू के राजौरी जिले की नौशेरा सीट पर भी चुनाव होंगे. यहां से जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रविंदर रैना चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने यहां से नामांकन दाखिल कर दिया है.

रविंदर रैना नौशेरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. (फाइल फोटो) रविंदर रैना नौशेरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:57 PM IST

जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रविंदर रैना राजौरी जिले की नौशेरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. चुनाव के लिए रविंदर रैना ने हलफनामा दायर कर दिया है.

हलफनामे के मुताबिक, रविंदर रैना के पास सिर्फ एक हजार रुपये हैं. उन्होंने बताया है कि उनके पास सिर्फ एक हजार रुपये कैश हैं. इसके अलावा उनके पास और कुछ नहीं हैं.

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इससे पहले 2014 के चुनाव में जब रैना ने हलफनामा दायर किया था, तब उन्होंने अपने पास 21 हजार रुपये होने की जानकारी दी थी. तब उनके पास 20 हजार रुपये कैश और 1 हजार रुपये की सेविंग्स थी.

इस बार के एफिडेविट से पता चलता है कि रैना के पास जम्मू में 13A गांधी नगर में एक सरकारी आवास है, जो उन्हें विधायक बनने पर मिला था. 2014 में रैना ने नौशेरा से चुनाव जीता था. तब उन्होंने पीडीपी के सुरिंदर चौधरी को 37,374 वोटों के अंतर से हराया था. 47 साल के रैना 2017 से जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष हैं.

तीन चरणों में होंगे चुनाव

जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण में 24 सीटों पर 18 सितंबर, दूसरे चरण में 26 सीटों पर 25 सितंबर और तीसरे चरण में 40 सीटों पर 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी. चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.

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2014 में क्या रहे थे नतीजे? 

जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे. यहां की 87 सीटों में से पीडीपी ने 28, बीजेपी ने 25, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती थीं. बीजेपी और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई और मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बने. 

जनवरी 2016 में मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन हो गया. करीब चार महीने तक राज्यपाल शासन लागू रहा. बाद में उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री बनीं. लेकिन ये गठबंधन ज्यादा नहीं चला. 19 जून 2018 को बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ लिया. राज्य में राज्यपाल शासन लागू हो गया. अभी वहां राष्ट्रपति शासन लागू है. 

पिछले साल आर्टिकल-370 को हटाने के फैसले को बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर में 30 सितंबर 2024 तक विधानसभा चुनाव कराने का आदेश दिया है.

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