Advertisement

'कश्मीर में ये चुनावी साजिश...', इंजीनियर राशिद और जमात के गठजोड़ पर भड़के फारूक-महबूबा मुफ्ती

सांसद और अवामी इत्तेहाद पार्टी के प्रत्याशी इंजीनियर राशिद को अलग-अलग पार्टियों के नेता निशाने पर ले रहे हैं. महबूबा मुफ्ती से लेकर उमर और फारूक अब्दुल्ला तक इंजीनियर राशिद को बीजेपी का प्लांट किया हुआ बता रहे हैं.

Farooq Mehbooba/mehbooba mufti/ghulam nabi azad (File Photo) Farooq Mehbooba/mehbooba mufti/ghulam nabi azad (File Photo)
मीर फरीद/सुनील जी भट्ट
  • जम्मू,
  • 16 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:59 PM IST

जम्मू-कश्मीर में आज पहले चरण के प्रचार का आखिरी दिन है. दरअसल, जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव 18 सितंबर से शुरू हो रहे हैं और पहले चरण में डोडा, किश्तवाड़ और रामबन की 8 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है. 

इस बीच वर्तमान सांसद और अवामी इत्तेहाद पार्टी के इंजीनियर राशिद को अलग-अलग पार्टियों के नेता निशाने पर ले रहे हैं. महबूबा मुफ्ती से लेकर उमर और फारूक अब्दुल्ला तक इंजीनियर राशिद को बीजेपी का प्लांट किया हुआ बता रहे हैं.

Advertisement

कश्मीर में विचारधाराएं बदलती हैं, बोले पूर्व CM

सोमवार को जम्मू-कश्मीर के तीन बड़े नेताओं ने इंजीनियर राशिद पर निशाना साधा. सबसे पहले तो जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर में विचारधाराएं. स्थायी नहीं हैं. कश्मीर में नेताओं की विचारधाराएं बदलती रहती हैं.

विकास के मुद्दों पर देना चाहिए ध्यान: आजाद

आजाद ने आगे कहा,'यह दुखद है कि कश्मीर के राजनेता केवल गैर-मुद्दों पर बात कर रहे हैं. उन्हें विकास के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि यह साबित करना चाहिए कि भाजपा के कौन ज्यादा करीब है. दरअसल, गुलाम नबी आजाद की पार्टी ने लोकसभा चुनावों में इंजीनियर राशिद का समर्थन किया.' 

हमने गठबंधन की कोशिश की: महबूबा मुफ्ती

इस बीच जम्मू-कश्मीर में अवामी इत्तेहाद पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के चुनाव पूर्व गठबंधन पर PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा,'पीएजीडी (पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन) जो बना था, मैंने कोशिश की थी कि हम साथ चलें, लेकिन दुर्भाग्य से यह पसंद नहीं आया. क्योंकि सत्ता की लालसा इतनी तीव्र है कि उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने कुछ सीटें किसी और को दे दीं तो सत्ता उनके हाथ से निकल जाएगी. हमें साथ रहना चाहिए ताकि दिल्ली ने वोटों को बांटने के लिए, जो बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार उतारे हैं, वह न हो.'

Advertisement

राशिद को जमानत रणनीति: फारूक

इंजीनियर राशिद के चुनाव लड़ने पर नेशनल कांफ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला ने भी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा है कि यह हमें लूटने, बांटने और हमारी मां-बहनों की इज्जत बेचने की रणनीति है. फारूक अब्दुल्ला ने इंजीनियर राशिद को 20 दिनों के लिए जेल से छोड़ने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राशिद को चुनाव के समय 20 दिनों के लिए छोड़ना दिखाता है कि यह किस रणनीति का हिस्सा है. जम्मू-कश्मीर से हटाए गए आर्टिकल 370 को लेकर फारूक ने कहा कि हम एक बार फिर आर्टिकल हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और तब तक जाते रहेंगे, जब तक यह फैसला हमारे पक्ष में नहीं आ जाता.

क्यों उठाए जा रहे हैं जमानत पर सवाल?

बता दें कि वर्तमान लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद ने जेल से ही चुनाव लड़ा था. चुनाव जीतने के बाद उन्हें गुपचुप संसद सदस्य के तौर पर शपथ दिलाई गई थी. इसके बाद वह जेल में ही थे. हालांकि, जम्मू-कश्मीर में चुनाव के दौरान उन्हें 2 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया है. जमानत मिलने की टाइमिंग को कश्मीर की पुरानी लोकल पार्टियां उन पर सवाल उठा रहे हैं. राशिद की पार्टी के प्रत्याशी कश्मीर में कई सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.

Advertisement

जमात और राशिद के बीच गठबंधन

बता दें कि वैसे तो जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है. लेकिन, बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद की आवामी इत्तेहाद पार्टी ने जमात के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है. यह गठबंधन हाल ही में पहले चरण के चुनाव से दो दिन पहले हुआ है. गठबंधन इंजीनियर राशिद और 8 सदस्यीय जमात पैनल के प्रमुख गुलाम कादिर वानी के बीच एक बैठक के दौरान हुआ. जमात के मुख्य चुनाव प्रभारी शमीम अहमद थोकर ने इस बात की पुष्टि की कि दोनों दलों ने विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन किया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement