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झारखंड चुनाव: JMM के इस स्टार प्रचारक की हेमंत सोरेन से भी ज्यादा डिमांड

कल्पना सोरेन की लोकप्रियता लगातार लोगों के बीच बढ़ रही है. झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान उनकी सभाओं में भारी भीड़ देखने को मिल रही है. खास कर के जनजातीय मतदाओं के लिए वो आकर्षण का केंद्र बन गई हैं.

कल्पना सोरेन खूंटी में जनसभा के दौरान कल्पना सोरेन खूंटी में जनसभा के दौरान
अमित भारद्वाज
  • रांची,
  • 07 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

झारखंड विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है. जिसके बाद राज्य के तमाम नेता चुनाव प्रचार में सक्रिय हो गए हैं. लोकसभा चुनाव के बाद झारखंड की सियासत में एक नाम बहुत तेजी से उभरा है, वो है कल्पना सोरेन का है. कल्पना सोरेन के प्रचार में लोगों का हुजूम देखने को मिल रहा है. खास कर के जनजातीय मतदाताओं के लिए वो आकर्षण का केंद्र बन गई हैं. 

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राज्य के खूंटी जिले में बुधवार की दोपहर जब कल्पना सोरेन चुनाव प्रचार के लिए पहुंची तो उनकी सभा में जन सैलाब उमड़ गया. उन्होंने 2019 के पत्थलगड़ी आंदोलन का जिक्र करते हुए जनजातीय समुदाय के लोगों को याद दिलाया कि कैसे बीजेपी ने उनके लड़कों पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर दिया था.

कल्पना के चुनाव प्रचार से पार्टी को मिला बल

JMM के एक नेता ने कहा कि सोरेन अपने चॉपर से रोज पांच जन सभाएं करती हैं और शाम का समय अपने निर्वाचन क्षेत्र गिरिडीह के गाण्डेय के लिए रखती हैं. सोरेन परिवार के एक करीबी व्यक्ति ने बताया कि आजकल हेमंत सोरेन से ज्यादा, लोग कल्पना सोरेन को ही पसंद कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि कल्पना जी की के साथ बैठक के लिए रोज 10 से 12 रिक्वेस्ट आते हैं, लेकिन हमारे पास समय की कमी रहती है. 

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कल्पना सोरेन

एक वरिष्ठ नेता कहा कि कल्पना की रैलियां पार्टी के लिए गेम चेंजर का काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि झारखंड में दो चरणों में होने वाले चुनाव में JMM के हाथ बंध जाते क्योंकि राज्य में INDIA ब्लॉक की तरफ से एक ही स्टार प्रचारक हेमंत सोरेन हैं. अब कल्पना के चुनाव प्रचार करने से पार्टी को चुनाव में संबल मिला है.

कल्पना सोरेन ने बहुत कम समय में लंबी राजनीतिक यात्रा तय की है. उनकी नई पहचान तब बनी जब राज्य के मुख्यमंत्री को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया था. उनका पहला भाषण राहुल गांधी की रैली में मुंबई के आजाद मैदान में था. उसके बाद दिल्ली के राम लीला मैदान में अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ इंडिया ब्लॉक की रैली में वो शामिल हुईं, इस बात की जानकारी झारखंड के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दी.

लोकसभा चुनाव से बनाई पहचान
कल्पना सोरेन ने कहा कि साल 2024 की शुरुआत से उभरी चुनौतियों ने मुझे पूरी तरह से बदल दिया. मेरे ऊपर परिवार की जिम्मेदारी थी. अब मुझे गुरुजी (शिबू सोरेन) और JMM ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी. सोरेन जब वहां से हेलिकॉप्टर की ओर बढ़ी तब उन्होंने बांस के बैरिकेड पर झुकी हुई भीड़ को 'जोहार' कहकर अभिवादन किया. 

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जनसभा के दौरान कल्पना सोरेन

बीजेपी पर किया हमला

कल्पना सोरेन ने बीजेपी के नारे 'बटेंगे तो कटेंगे' पर हमला करते हुए कहा कि ये बीजेपी की कमजोरी की तरफ इशारा करता है. सोरेन ने कहा कि भाजपा के कुछ नेता बंटोगे तो कटोगे जैसे बयानों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये वे नेता हैं जो सम्मानित पदों पर बैठे हैं. ये शर्मनाक हरकत है. उन्होंने कहा कि स्थानीय भाजपा नेता इस तरह की टिप्पणी नहीं कर रहे हैं. उनके पास दिखाने के लिए कोई रिपोर्ट कार्ड नहीं है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि सरमा को अपने राज्य की देखभाल करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हिमंता, हेमंत सोरेन के लिए बिल्कुल भी चुनौती नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि हिमंता को पहले आदिवासियों के लिए काम करना चाहिए. हिमंता पर आरोप लगाते हुए कल्पाना सोरेन ने कहा कि असम का सीएम बनने के लिए एक आदिवासी नेता को बाहर कर दिया. झारखंड की जनता ने अपने राज्य की जिम्मेदारी हेमंत सोरेन को दी है और वह उनका ख्याल रखेंगे.

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