
मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट पर सबकी नजरें टिकी हैं. करहल यूपी उपचुनाव की सबसे हॉट सीट थी. क्योंकि, इस सीट को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के परिवार का गढ़ माना जाता है. यहां से सपा और बीजेपी से उतारे गए दोनों प्रत्याशी यादव थे. सपा ने जहां तेज प्रताप यादव को मैदान में उतारा, तो वहीं बीजेपी ने यादव परिवार के ही दामाद अनुजेश यादव पर दांव खेला. हालांकि, आखिर में करहल में बाजी सपा के तेज प्रताप ने मारी.
आइए जानते हैं रिजल्ट...
2:40 PM- करहल में सपा ने जीत दर्ज की है. तेज प्रताप यादव 14 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीते हैं. उन्होंने बीजेपी के अनुजेश यादव को करहल का उपचुनाव हराया है. तेज प्रताप को 1 लाख 4 हजार से ज्यादा वोट मिले. वहीं, अनुजेश को करीब 89 हजार 500 मत ही प्राप्त हो सके.
1:20 PM- सपा को 79666 तो BJP को मिले 60318 वोट मिले. तेज प्रताप यादव 19348 मतों से आगे.
1:00 PM- 14 राउंड की गिनती बाद सपा के तेज प्रताप यादव 20730 वोट से आगे.
सपा- 52022
बीजेपी- 31292
बसपा- 3394
10:50 AM- राउंड 8 में भी सपा आगे. तेज प्रताप यादव बीजेपी के अनुजेश से 13227 वोटों से चल रहे आगे.
10:10 AM- पांचवें राउंड में भी सपा के तेज प्रताप यादव बीजेपी के अनुजेश यादव से आगे.
सपा- 18752
भाजपा- 10818
बसपा- 1120
10:00 AM- चौथे राउंड में सपा के तेज प्रताप यादव बीजेपी के अनुजेश यादव से 6700 वोटों आगे.
सपा - 15383
बीजेपी - 8683
बसपा - 1022
9:15 AM-- पहले राउंड में सपा के तेज प्रताप यादव 4578 वोट से आगे हो गए हैं. बीजेपी के अनुजेश यादव पीछे चल रहे हैं.
- करहल से सपा आगे, तेजप्रताप यादव पहले राउंड में 800 वोट से आगे चल रहे हैं.
- सुबह के 8 बजे चुके हैं और वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. अब इंतजार है रुझानों का.
ये भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश उपचुनाव: सभी सीटों के नतीजे यहां जानिए.....
- करहल में प्रशासन द्वारा काउंटिंग के लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं. सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी.
- सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर मतगणना स्थल के आसपास भारी फोर्स लगाई गई है.
- बता दें कि करहल विधानसभा उपचुनाव में इस बार करीब 54 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. जबकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में जब अखिलेश यादव यहां से लड़े थे तब 66 फीसदी मतदान हुआ था.
दो रिश्तेदारों में चुनावी जंग-
गौरतलब हो कि करहल विधानसभा उपचुनाव में सपा और बीजेपी के प्रत्याशियों के साथ एक और दिलचस्प बात जुड़ी है. बीजेपी प्रत्याशी अनुजेश यादव स्व. मुलायम सिंह यादव के भाई अभयराम के दामाद हैं. उनको मुलायम सिंह के दामाद के रूप में भी पहचाना जाता है.
वहीं, सपा प्रत्याशी तेजप्रताप यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं. उनकी बेटी से तेजप्रताप की शादी हुई है.
सपा-बीजेपी में टक्कर
मैनपुरी से सांसद बनने के बाद अखिलेश यादव ने करहल विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर सपा ने तेज प्रताप यादव को प्रत्याशी बनाया. जिसके बाद बीजेपी ने सपा के ही सांसद धर्मेंद्र यादव के सगे बहनोई अनुजेश यादव को मैदान में उतारकर बड़ा दांव चल दिया. बसपा ने इस सीट पर शाक्य कार्ड चला.
मालूम हो कि अनुजेश यादव रिश्ते में तेज प्रताप के फूफा लगते हैं. हालांकि, दोनों ही परिवारों में काफी तल्खी आ चुकी है. अनुजेश की मां भी विधायक रह चुकी हैं.
सपा का गढ़ है करहल
साल 1992 में सपा का सियासी मानचित्र पर राजनीतिक दल के रूप में उदय हुआ और 1993 के चुनाव से ही मुलायम सिंह यादव की कर्मभूमि रहा करहल पार्टी का गढ़ बनकर उभरा. साल 1992 के चुनाव में सपा ने करहल सीट से बाबूराम यादव को उम्मीदवार बनाया और जनता ने विजयी बनाकर उन्हें विधानसभा भी भेजा. 1996 के यूपी चुनाव में भी बाबूराम यादव विधानसभा पहुंचने में सफल रहे. सपा ने बतौर सियासी दल यूपी में डेब्यू के बाद शुरुआती दो विधानसभा चुनावों में करहल सीट पर जीत हासिल की लेकिन तीसरे चुनाव में बीजेपी ने हैट्रिक रोक दी थी.
जब बीजेपी ने रोका था विजयरथ
साल 2002 के यूपी चुनाव में सपा करहल सीट पर हैट्रिक लगाने की कोशिश में थी. पार्टी ने इस सीट पर बाबूराम यादव के बेटे अनिल यादव पर दांव लगाया. वहीं, बीजेपी ने भी करहल की जंग जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया. बीजेपी ने मुलायम सिंह यादव का किला भेदने, सपा का विजयरथ रोकने के लिए यादव कार्ड ही चला. बीजेपी ने मुलायम सिंह यादव के धुर विरोधी माने जाने वाले दर्शन सिंह यादव के भाई सोबरन सिंह यादव को करहल के रण में कमल निशान पर उतार दिया. कड़े मुकाबले में बीजेपी के सोबरन 925 वोट के नजदीकी अंतर से चुनावी बाजी जीत विधानसभा पहुंचने में सफल रहे थे. यही जीत इस सीट पर बीजेपी के लिए अब तक की इकलौती जीत भी है. इसके बाद से अब तक बीजेपी को करहल में कमल खिलने का इंतजार है. 2007 से ही करहल पर सपा का कब्जा है.
जातीय समीकरण
करहल विधानसभा सीट के जातीय समीकरणों की बात करें तो यह यादव बाहुल्य सीट है. अनुमानों के मुताबिक, करहल विधानसभा क्षेत्र में करीब सवा लाख यादव वोटर हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में दूसरे नंबर पर शाक्य वर्ग के मतदाता हैं जिनकी अनुमानित आबादी करीब 40 हजार है. अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक करहल में 30-30 हजार जाटव और राजपूत, 25-25 हजार पाल-धनगर, 18-18 हजार कठेरिया और लोधी के साथ 15-15 हजार ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता हैं.