
हरियाणा में चल रहे चुनावी माहौल के बीच 'पंचायत आजतक' का मंच सजा हुआ है. इस खास कार्यक्रम में राज्य के तमाम दिग्गज नेता शिरकत कर रहे हैं जिसमें सियासी हालातों पर चर्चा हो रही है. इस कार्यक्रम में दिग्गज कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा भी पहुंची और तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी.
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस 90 की 90 सीटों पर जीतने के लिए चुनाव लड़ रही है. गुरुग्राम का इंफ्रास्ट्रक्चर देख लीजिए, मिलेनियम सिटी कहते हैं, इसे चुनाव में स्थानीय मुद्दे भी हैं. गांव से लेकर शहर तक के अपने-अपने अलग मुद्दे हैं. जिसमें क्राइम, नशा, जरूरी सुविधाएं शामिल हैं.
कुमारी सैलजा क्या कांग्रेस की परिस्थितियों से नाराज हैं? इस सवाल पर उन्होंने कहा,'नाराजगी की बात नहीं है लेकिन कुछ बातें तो हो जाती हैं, अंदरुनी बात होती है तो, लेकिन उसका इससे कोई मतलब नहीं है.कांग्रेस पार्टी आगे बढ़ रही है, कांग्रेस के साथ हरियाणा के लोग आगे बढ़ रहे हैं. लोग हमारे तरफ देख रहे हैं. सारा देश बोल रहा है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनेगी. मैं समझती हूं कि उसमें थोड़ा-बहुत योगदान सैलजा का भी होगा. उससे ज्यादा कांग्रेस वर्कर का योगदान ग्राउंड पर ज्यादा होगा.'
थोड़ा ढक्कन तो लगाना भी पढ़ता है-सैलजा
कुमारी सैलजा मांगे कांग्रेस पार्टी से हिसाब? आखिर सैलजा प्रचार क्यों नहीं कर रही हैं? इस सवाल पर सैलजा ने कहा, 'प्रचार के लिए पहले निकले हैं और आगे अब निकलेंगे.शुरू में कैंडिडेट्स भी अपने काम में बिजी होते हैं. नॉमिनेशन के समय में भी में पहुंच नहीं सकी. कुछ बाते होती हैं पार्टी में, उसे पब्लिस में शेयर करना अच्छा नहीं होता है पार्टी डिसिप्लेन भी होता है.'
टिकट बंटवारे में सैलजा के उम्मीदवारों को वरीयता ना मिलने के सवाल पर सैलजा ने कहा, 'अपनी अपनी सिफारिश सभी देते हैं. अंत में किसका क्या होता है और किस्मत किसकी चमकती है ये उस समय तय करता है. कुछ चीजें होती हैं पार्टी में और ये हर चुनाव में होती हैं.' इस पर जब शैलजा से सवाल किया गया कि आप तो ढक्कन लगा रही हैं? उन्होंने कहा, 'थोड़ा ढक्कन तो लगाना भी पढ़ता है पार्टी के लिए..'
मैंने खामियाजा भी भुगता- सैलजा
सैलजा ने कहा कि उकलाना से मैं खुद भी चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन उससे पहले लोकसभा चुनाव आ गया और पार्टी ने चुनाव में उतारा और बड़ी जीत भी हुई. मैंने चुनाव के बाद भी कहा था कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हूं. उकलाना मेरा गांव भी है और काम हुए हैं वहां पर. नारनौंद ही नहीं कई कई जगह पर हमें लगा कि और बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैं.
सैलजा ने कहा, 'सीएम की दावेदारी तो कोई भी रख सकता है, दावेदारी हर एक की हो सकती हैं. वो चीजें मैंने कहीं और उसका खामियाजा भी मैंने भुगता. हो सकता है कुछ लोगों को उससे कुछ डर बैठा हो.' उन्होंने आगे कहा, 'व्यवस्था की बात होती है तो कई चीजें होती हैं. मैं कई बार कह चुकी हूं कि राजनीति में कई विचारधारा को साथ लेकर चलना पड़ता है पार्टी के अंदर भी. राजनीति में संघर्ष होता है अपने लिए, अपने साथियों के लिए और विचारों के लिए भी. एक चुनाव में मुझे टिकट नहीं मिला तो इसका मतलब ये नहीं है कि मेरा वजूद खत्म हो गया. लोगों की जो सोच है वो खत्म हो गई है. ऐसा नहीं है.'
मायावती के सवाल पर क्या बोलीं सैलजा
मायावती द्वारा कुमारी सैलजा की वकालत करने से जुड़े सवाल पर सैलजा ने कहा, 'बाबा साहब केवल दलितों के नेता नहीं थे, वो देश के नेता थे उन्हें दलितों के साथ सीमित नहीं किया जा सकता है. क्योंकि सभी समुदाय बाबा साहब को मानते हैं. उनको दलित कहकर एक जगह रखना अन्याय है. राजनीति में सबको लगता है कि एक मुद्दे को रखकर बोला जा सकता है, बीएसपी को ऐसा लगता है. लेकिन मैंने कांग्रेस के बूते पर यहां तक का सफर तय किया है. राजनीति कोई 9 टू 5 का जॉब नहीं है बल्कि यहां संघर्ष है'
ये भी पढ़ें: 'कांग्रेस ने खिलाड़ियों के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साधा', विनेश पर बोले हरियाणा के सीएम सैनी
बीजेपी के ऑफर पर कही दो टूक
बीजेपी और मनोहर लाल के ऑफर पर कुमारी सैलजा ने कहा, 'भाजपा के जो नेता आज टिप्पणी कर रहे हैं, उनके काफी नेताओं से ज्यादा लंबा राजनीतिक जीवन मेरा रहा है. मुझे नसीहत ना दें , मुझे अपना रास्ता और मेरी पार्टी मेरा रास्ता तय करना जानती है. हम करेंगे औऱ मजबूती से चलेंगे और भाजपा या है या कोई और है.. मैं जानती हूं कि किस तरह के बयान दिए जा रहे हैं. भ्रम फैलाए जा रहे हैं कि शैलजा इस पार्टी में जा रही हैं'
खबर आ रही है कि आप 25 सितंबर को बीजेपी ज्वॉइन कर रही हैं इसमें कितनी सच्चाई है? इस पर सैलजा ने कहा, 'ये खबर कहां से निकली निकली है, ना तो कभी सैलजा ऐसा सोच सकती है, सैलजा की रगों में कांग्रेस का खून है.मैंने पहले भी कहा कि जैसे मेरे पिताजी कांग्रेस के तिरंगे में लिपटकर गए थे, वैसे ही शैलजा भी कांग्रेस के तिरंगे में लिपटकर जाएगी. मेरा मेरी पार्टी, मेरे नेता के प्रति कमिटमेंट है.'
उन्होंने आगे कहा, 'सैलजा कभी ना हताश होती है, ना निराश होती है. मैंने बहुत से मुकाम देखे हैं.भाजपा के पास और कोई मुद्दा नहीं है. असलियत कांग्रेस नेतृत्व को पता है, कांग्रेस वर्कर्स को पता है और मुझे पता है. भाजपा अपना घर देखे, भाजपा का डिक्लाइन शुरू हो गया है, नेशनल लेवल पर..'
हुड्डा को लेकर कही ये बात
भूपेंद्र हुड्डा साहब तो कह रहे हैं कि कुमारी सैलजा तो हमारी बहन है, जबकि आप उनकी रैली में नहीं जाती हैं वो आपकी संपर्क यात्रा में नहीं आते हैं.... इस सवाल पर सैलजा ने कहा, 'वक्त तो बहुत कुछ कहलवा देता है, बहन भी सम्मान भी...' सीएम चेहरे को लेकर सैलजा ने कहा कि पहली बात तो यह भी नहीं पता है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा. सीएम का फैसला हमेशा हाईकमान करता है. बांकि सेल्फ प्रोजक्शन तो बहुत लोग करते हैं.
यह भी पढ़ें: खट्टर ने दिया कुमारी सैलजा को BJP में शामिल होने ऑफर, कांग्रेस बोलीं- वह अपनी पार्टी की चिंता करें
आप से गठबंधन के सवाल पर बोलीं सैलजा
आम आदमी पार्टी से समझौता क्यों नहीं हो सका? इस पर सैलजा ने कहा कि मैं इसमें इन्वॉल्व नहीं थी तो मुझे ज्यादा नहीं पता. ना मैंने पता करने की कोशिश की. एक स्तर पर था कि नेशनल लेवल पर हमारा समझौता था तो राहुल जी ने सोचा कि एक्सप्लोर कर लिया जाए. बांकि बाद में नहीं हुआ. आप का हरियाणा में कोई ज्यादा वजूद नहीं है.