
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए 42 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं एनसी-कांग्रेस गठबंधन को कुल 49 सीटें मिली हैं. इसी के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अब्दुल रहीम राथर और अली मोहम्मद सागर ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड सातवीं बार जीत दर्ज की. पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के पूर्व वित्त मंत्री राथर 1977 से अब तक छह बार मध्य कश्मीर के चरार-ए-शरीफ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वे 1983, 1987, 1996, 2002 और 2008 के चुनावों में विधानसभा के लिए चुने गए. 2014 के चुनावों में वे पीडीपी के गुलाम नबी लोन से हार गए थे. हालांकि, राथर ने मंगलवार को लोन को 11,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया.
एनसी के महासचिव सागर ने भी सातवीं बार विधानसभा चुनाव जीता है. वे पहली बार 1983 में बटमालू सीट से विधानसभा के लिए चुने गए थे. 1987 में उन्होंने फिर से सीट जीती. इसके बाद सागर खानयार चले गए और 1996 में वहां से चुनाव जीते. तब से वे इस सीट से कभी चुनाव नहीं हारे. वास्तव में, एनसी महासचिव कभी विधानसभा चुनाव नहीं हारे हैं. सागर ने खानयार सीट पर श्रीनगर के पूर्व डिप्टी मेयर शेख इमरान को हराया, जिन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था.
उन्होंने 9,912 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. हकीम मोहम्मद यासीन भी यह उपलब्धि हासिल कर सकते थे, जिन्होंने बडगाम जिले की खानसाहिब सीट का छह बार प्रतिनिधित्व किया है. हालांकि, वे सातवीं बार जीत नहीं पाए और एनसी के सैफुद्दीन भट से 11,614 वोटों के अंतर से हार गए. एनसी के मुबारक गुल एक और राजनेता हैं, जिन्होंने अपनी सीट कई बार जीती है. गुल ने यहां ईदगाह से छठी बार चुनाव जीता, जबकि सीपीआई (एम) के एम वाई तारिगामी ने पांचवीं बार कुलगाम निर्वाचन क्षेत्र पर कब्जा किया.