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महाराष्ट्र चुनाव: जिसे एकनाथ शिंदे मानते हैं राजनीतिक गुरु, उनके भतीजे को उद्धव ठाकरे ने दिया टिकट

कोपरी पाचपाखाडी विधानसभा सीट महाराष्ट्र की हॉट सीट बन गई है. यहां से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने उद्धव शिवसेना ने एक ऐसा उम्मीदवार मैदान में उतार दिया है, जिससे शिंदे के लिए चुनाव चुनौती पूर्ण हो गया है. शिवसेना UBT ने केदार दिघे को टिकट दिया है. केदार दिघे आनंद दिघे के भतीजे हैं. आनंद दिघे को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपना आदर्श और राजनीतिक गुरु मानते हैं.

कोपरी पाचपाखाडी विधानसभा सीट महाराष्ट्र की हॉट सीट बन गई है कोपरी पाचपाखाडी विधानसभा सीट महाराष्ट्र की हॉट सीट बन गई है
आदित्य बिड़वई
  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार को अपनी पहली लिस्ट की घोषणा की. इसमें 65 उम्मीदवारों के नाम शामिल है. शिवसेना यूबीटी ने अपनी पहली लिस्ट में लगभग उन सभी विधायकों को फिर से टिकट दिया है, जिन्होंने जून 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बावजूद उनका साथ दिया. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ भी पार्टी ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. 

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दरअसल, कोपरी पाचपाखाडी विधानसभा सीट महाराष्ट्र की हॉट सीट बन गई है. यहां से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने उद्धव शिवसेना ने एक ऐसा उम्मीदवार मैदान में उतार दिया है, जिससे शिंदे के लिए चुनाव चुनौती पूर्ण हो गया है. शिवसेना UBT ने केदार दिघे को टिकट दिया है. केदार दिघे आनंद दिघे के भतीजे हैं. आनंद दिघे को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपना आदर्श और राजनीतिक गुरु मानते हैं.

कौन थे आनंद दिघे

आनंद दिघे बालासाहेब ठाकरे के करीबी थे. 80 और 90 के दशक में ठाणे जिले में उनका अच्छा खासा दबदबा था. राजनीतिक जानकार बताते हैं कि आनंद दिघे ने ठाणे में घर-घर शिवसेना पार्टी का विस्तार किया. एकनाथ शिंदे अक्सर अपने कार्यक्रमों में आनंद दिघे का नाम लेते हैं. वो बताते हैं कि आनंद दिघे की उंगली पकड़कर एकनाथ शिंदे राजनीति में आगे बढ़े हैं. एकनाथ शिंदे उन्हें अपना गुरु भी माने जाते हैं.

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ठाकरे ने सभी विधायकों को दिया टिकट

बता दें कि विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (MVA) ने आज विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का फार्मूला फाइनल कर लिया है. एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद पवार) शामिल है. सभी दलों ने 85-85 सीटों पर उम्मीदवार उतारने पर सहमति जताई है. इसके बाद बुधवार को ठाकरे की शिवसेना ने अपनी पहली लिस्ट जारी की, जिसमें लगभग उन सभी विधायकों को फिर से टिकट दिया है, जिन्होंने जून 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बावजूद उनका साथ दिया. आदित्य ठाकरे को एक बार फिर मुबई की वर्ली सीट से उतारा गया है. बांद्रा पूर्व से वरुण सरदेसाई को टिकट दिया गया है. 

मुंबई में सीट शेयरिंग पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, “आज शरद पवार के नेतृत्व में एमवीए की बैठक हुई, जिसमें तीनों दलों ने 85-85 सीटों पर चुनाव लड़ने फैसला किया है. और 18 सीटों को समाजवादी पार्टी, शेकाप समेत गठबंधन की अन्य सहयोगियों को दिया जाएगा, सहयोगी दलों से बातचीत की जाएगी और कल तक सब कुछ साफ हो जाएगा. हम महाविकास अघाड़ी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं और हम सरकार बनाएंगे.

20 नवंबर को होना है चुनाव 

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महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. पिछले चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. हालांकि, चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए से अलग हो गई और उसने एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली. शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने. जून 2022 में शिवसेना में आंतरिक कलह हो गई. इसके बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 40 विधायकों को तोड़ दिया. एकनाथ शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए. अब शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है. शरद पवार की एनसीपी भी दो गुट- शरद पवार और अजित पवार में बंट गई है.

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