
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मंगलवार को नामांकन की आखिरी तारीख है. सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी में राज्य की कई सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर मंथन चल रहा है. इस बीच, अजित गुट के NCP नेता नवाब मलिक ने ऐलान किया है कि वो कल अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे और अपने पत्ते खोलेंगे.
दरअसल, नवाब मलिक की उम्मीदवारी को लेकर लंबे समय से सस्पेंस बना हुआ है. वे पांच बार के विधायक हैं और इस समय अणुशक्तिनगर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इस बार अजित पवार की एनसीपी ने इस सीट से नवाब मलिक की बेटी सना मलिक को टिकट दिया है. इसी सीट से शरद पवार खेमे ने बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के पति फहाद अहमद को टिकट दिया है.
नवाब अपने खिलाफ पीएमएलए के एक मामले में मेडिकल बेल पर बाहर हैं. उनके एनसीपी के टिकट पर शिवाजी नगर-मानखुर्द सीट से सपा के अबू असीम आजमी के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना है.
'अजित पवार ने बुरे समय में बहुत मदद की'
नवाब ने कहा, कल ही सबको पता चलेगा कि वो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं या किसी पार्टी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं. नवाब का कहना था कि कुछ महीने पहले जब वो अपने सबसे बुरे समय का सामना कर रहे थे, तब अजित पवार ने उनकी बहुत मदद की थी, इसलिए उनकी बेटी एनसीपी (AP) खेमे से चुनाव लड़ रही है.
'फहाद को मुंबई में भी कोई नहीं जानता'
हालांकि, नवाब ने शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले के साथ व्यक्तिगत संबंध होने का दावा किया. लेकिन शरद पवार गुट ने नवाब की बेटी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा किया है. जब इस बारे में नवाब मलिक से पूछा गया तो उन्होंने फहाद को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें मुंबई में भी कोई नहीं जानता है.
महाराष्ट्र में 288 सीटों पर विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. एक ही फेज में 20 नवंबर को वोटिंग है और 23 नवंबर को नतीजे आएंगे. नामांकन पत्र जमा करने की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर है. यानी मंगलवार दोपहर 3 बजे तक ही उम्मीदवार नॉमिनेशन कर सकेंगे.
सूत्रों का कहना था कि इससे पहले नवाब मलिक को एनसीपी टिकट देने जा रही थी, लेकिन बीजेपी ने इसका विरोध किया था. चूंकि, मलिक कई मामलों में जेल में सजा काट चुके है, इसी कारण उम्मीदवारी खारिज कर दी गई. ऐसे में नवाब मलिक की बेटी सना मलिक को टिकट दिया गया. मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार ने कहा है कि हम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े किसी व्यक्ति को टिकट देना स्वीकार नहीं करेंगे.
नवाब को 2022 में तब गिरफ्तार किया गया था, जब वो महा विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री थे. मामला दाऊद और छोटा शकील और टाइगर मेमन समेत उसके साथियों से जुड़ा है. प्रवर्तन निदेशालय ने गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की बहन की मदद से कुर्ला में एक संपत्ति हड़पने के आरोप में नवाब को गिरफ्तार किया था. मलिक को पिछले साल जमानत पर रिहा किया गया था. उसके बाद वो अजित पवार गुट के साथ चले गए.