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झारखंड-बिहार से महाराष्ट्र तक 'परिवारों' के खाते में टिकट ही टिकट... हर दल मेहरबान!

टिकट वितरण के इस खेल में राजनीतिक दलों ने परिवारों और उत्तराधिकारियों पर ही ज्यादा से ज्यादा भरोसा दिखाया है. झारखंड से लेकर बिहार और महाराष्ट्र तक ये नजारा आम है. इसकी बानगी के लिए बता दें कि झारखंड में बीजेपी ने एक पूर्व सीएम के बेटे, एक पूर्व सीएम की पत्नी और एक पूर्व सीएम की बहू को टिकट देकर विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है.

महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण की बेटी श्रीजया, अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन को मिला टिकट महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण की बेटी श्रीजया, अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन को मिला टिकट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 2:09 PM IST

देश में इस वक्त चुनावों का दौर जारी है. लोकसभा चुनावों के बाद कई खाली हुई संसदीय सीटों पर उपचुनाव होने हैं तो वहीं कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीख भी आ गई है. चुनावी समर के शंखनाद होते ही ही इसकी पहली प्रक्रिया 'टिकट बांटना' शुरू हो गई है. इस स्टेप में राजनीतिक दलों की एक खास बात सामने आ रही है.

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टिकट वितरण के इस खेल में राजनीतिक दलों ने परिवारों और उत्तराधिकारियों पर ही ज्यादा से ज्यादा भरोसा दिखाया है. झारखंड से लेकर बिहार और महाराष्ट्र तक ये नजारा आम है. इसकी बानगी के लिए बता दें कि झारखंड में बीजेपी ने एक पूर्व सीएम के बेटे, एक पूर्व सीएम की पत्नी और एक पूर्व सीएम की बहू को टिकट देकर विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है. 

लगभग हर दल ने परिवारों के लिए ही खजाना खोल दिया है.  बिहार में जगदानंद के छोटे बेटे और जीतनराम मांझी की बहू, झारखंड में मधु कोड़ा और अर्जुन मुंडा की पत्नी, सीता सोरेन, चंपई के बेटे, रघुवर दास की बहू, महाराष्ट्र में अशोक चह्वाण की बेटी अपने-अपने क्षेत्रों से चुनावी मैदान में उतरने वाले हैं. पार्टी ने इन्हें टिकट दिया है. 

झारखंड की बात करें तो यहां विधानसभा चुनाव का शंखनाद होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. बीजेपी की उम्मीदवारों की लिस्ट जैसे ही सामने आई, इस पर परिवाद की छाप नजर आने लगी. इस बार पार्टी की सूची में राजनीतिक परिवारों का प्रभाव साफ नजर आ रहा है. बीजेपी ने न केवल अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है, बल्कि कई प्रमुख राजनीतिक परिवारों के सदस्यों को भी टिकट देकर उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है. इनमें सबसे प्रमुख नाम रघुवर दास की बहू पूर्णिमा, अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा और चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन का है. 

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पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की बहू को मिला टिकट
बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल रघुवर दास की बहू पूर्णिमा साहू को जमशेदपुर पूर्वी सीट से टिकट दिया है. रघुवर दास इस सीट से कई बार चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन इस बार उनकी बहू को इस महत्वपूर्ण सीट से उतारा गया है. जमशेदपुर पूर्वी सीट बीजेपी के लिए एक अहम किला रही है और पार्टी को उम्मीद है कि इस परंपरा को पूर्णिमा साहू आगे बढ़ाएंगी.

अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा पोटका से चुनाव लड़ेंगी
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा को पोटका विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है. अर्जुन मुंडा का झारखंड की राजनीति में गहरा प्रभाव रहा है, और अब उनकी पत्नी मीरा मुंडा इस सीट से चुनाव लड़ेंगी. पोटका क्षेत्र में मुंडा परिवार की गहरी पकड़ है और बीजेपी को यहां से अच्छे परिणाम की उम्मीद है.


सीएम रहे मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा को टिकट
निर्दलीय चुनाव जीतकर कांग्रेस के सहयोग से मुख्यमंत्री बने मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा को भाजपा ने जगन्नाथपुर सीट से टिकट दिया है. गीता कोड़ा ने सिंहभूम लोकसभा सीट से संसदीय चुनाव भी लड़ा था. जोबा माझी ने उन्हें पराजित कर दिया था.

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सीता सोरेन को जामताड़ा से टिकट
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बीजेपी का दामन थाम लिया था. सीता सोरेन को बीजेपी ने जामताड़ा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है. टिकट मिलने के बाद उन्होंने कहा कि, 'झारखंड की जनता बीजेपी की सरकार चुनेगी. वर्तमान सरकार ने राज्य में सिर्फ भ्रष्टाचार और अपराध बढ़ाया है. आपकी सरकार आएगी और राज्य में बदलाव लाएगी.' लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सीता सोरेन बीजेपी में शामिल हो गई थीं. उन्हें लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दुमका से चुनावी मैदान में उतारा था, हालांकि, वह अपने ससुर शिबू सोरेन के गढ़ में सेंध लगाने में नाकाम रही थीं. दुमका लोकसभा सीट से वह झामुझो (JMM) के नलिन सोरेन से हार गई थीं. अब एक बार फिर बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में उन पर भरोसा जताया है.

चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को टिकट
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कद्दावर नेता रहे चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को घाटशिला से उम्मीदवार बनाया गया है. चंपई सोरेन पहले भी घाटशिला से चुनाव लड़ चुके हैं और अब उनके बेटे को इस सीट से टिकट मिला है. चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं. हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद उन्हें जेएमएम ने सीएम बनाया था, लेकिन बीते दिनों ही उन्होंने पार्टी से नाराजगी जाहिर करते हुए इस्तीफा दे दिया और फिर बीजेपी में शामिल हो गए. अब बीजेपी ने उनके बेटे बाबूलाल को घाटशिला से उम्मीदवार बनाया है और इस तरह वह एरिया में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है.

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बिहार में भी परिवारवादः चार सीटों पर उपचुनाव, सब पर हावी परिवार
झारखंड से चलें और बिहार में बढ़ें तो यहां अगले साल 2025 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले 4 सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव है. ये उपचुनाव बेलागंज, इमामगंज, तरारी और रामगढ़ में होने हैं, लेकिन परिवारवाद का साया चारों सीटों पर है. जहां बेलागंज में आरजेडी के सांसद सुरेन्द्र यादव के पुत्र विश्वनाथ सिंह यादव अपने पिता की विरासत बचाने उतर रहे हैं तो वहीं इमामगंज में HAM पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की बहू दीपा मांझी उनके गढ़ को बचाएंगी. 

जगदानंद सिंह के बेटे को रामगढ़ से टिकट
दूसरी ओर तरारी में पूर्व विधायक और हाल में ही बीजेपी से जुड़े सुनील कुमार सिंह के पुत्र विशाल प्रशांत पर बीजेपी ने भरोसा जताकर टिकट दिया है. इसके साथ ही रामगढ़ में भाई सुधाकर सिंह और पिता जगदानंद सिंह के गढ़ को आरजेडी के अजीत सिंह बचाने के लिए जोर मारते दिखने वाले हैं. 

महाराष्ट्र में भी 'फैमिली टिकट'
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भी टिकट बंट गए हैं और इसमें भी परिवारवाद की झलक ही दिखाई दे रही है. यहां विधानसभा चुनावों के लिए घोषित 99 कैंडिडेट में बीजेपी ने पूर्व सीएम अशोक चव्हाण की बेटी श्रीजया चव्हाण को टिकट दिया है. श्रीजया फैमिली की परंपरगत सीट भोकर से चुनावी मैदान में उतर रही हैं. भोकर महाराष्ट्र की ऐसी सीट पर जिस पर अभी तक बीजेपी नहीं जीत पाई है.

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शेलार परिवार को मिले दो टिकट
वहीं, इस बार बीजेपी ने महाराष्ट्र में शेलार परिवार को भी खास तवज्जो दी है. पार्टी ने एक ही फैमिली में दो टिकट दे दिए हैं. आशीष शेलार को बांद्रा वेस्ट से और उनके छोटे भाई विनोद शेलार को मलाड से उम्मीदवार बनाया गया है.
 

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