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'गणपति पूजन में गया तो कांग्रेस के तुष्टिकरण की भूख जाग गई', PM मोदी का पलटवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "विश्वकर्मा योजना की एक और विशेषता है. जिस स्केल पर, जिस बड़े पैमाने पर इस योजना के लिए अलग अलग विभाग एकजुट हुए हैं, ये भी अभूतपूर्व है. देश के 700 से ज्यादा जिले, 2.5 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायत, 5 हजार शहरी स्थानीय निकाय मिलकर इस अभियान को गति दे रहे हैं."

महाराष्ट्र के वर्धा में PM मोदी (तस्वीर:X/@BJP) महाराष्ट्र के वर्धा में PM मोदी (तस्वीर:X/@BJP)
aajtak.in
  • वर्धा,
  • 20 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:53 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज महाराष्ट्र के वर्धा पहुंचे हैं और वहां पर उन्होंने 'राष्ट्रीय विश्वकर्मा कार्यकर्म' में हिस्सा लिया. पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए एनडीए सरकार की योजनाओं की कामयाबी का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, "ODOP और एकता मॉल के जरिए पारंपरिक उत्पादों को प्राथमिकता दी जा रही है. हम चाहते हैं कि ये लोग अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं. ये छोटे बिजनेस को बढ़ाने में मदद कर रहा है. जो वर्ग पीछे छूट रहा था, वो विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मदद करेगा."

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उन्होंने आगे कहा कि विश्वकर्मा योजना की एक और विशेषता है. जिस स्केल पर, जिस बड़े पैमाने पर इस योजना के लिए अलग अलग विभाग एकजुट हुए हैं, ये भी अभूतपूर्व है. देश के 700 से ज्यादा जिले, 2.5 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायत, 5 हजार शहरी स्थानीय निकाय मिलकर इस अभियान को गति दे रहे हैं.

'6.5 लाख से ज्यादा विश्वकर्मा बंधुओं...'

पीएम मोदी ने कहा, "अब तक 6.5 लाख से ज्यादा विश्वकर्मा बंधुओं को आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं. इससे उनके उत्पादों की क्वालिटी बेहतर हुई है, उनकी उत्पादकता बढ़ी है. इतना ही नहीं, हर लाभार्थी को 15 हजार रुपये का ई-वाउचर दिया जा रहा है. अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बिना गारंटी के 3 लाख रुपये तक लोन भी मिल रहा है. मुझे खुशी है कि एक साल के भीतर विश्वकर्मा भाई-बहनों को 1,400 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है, यानी विश्वकर्मा योजना हर पहलू का ध्यान रख रही है."

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'करोड़ों नवजवानों की स्किल ट्रेनिंग'

नरेंद्र मोदी ने कहा, "कौशल विकास अभियान के तहत भी देश के करोड़ों नवजवानों की स्किल ट्रेनिंग हुई है. स्किल इंडिया जैसे अभियानों ने भारत की स्किल को पूरी दुनिया में पहचान दिलानी शुरू की. हमारे जयंत चौधरी जी के नेतृत्व  में इसी साल फ्रांस में बहुत बड़ा आयोजन हुआ. इसमें स्किल को लेकर के हमारे  छोट-छोटे कारीगरों को भेजा गया था. इसमें भारत ने बहुत सारे अवार्ड अपने नाम किए हैं."

उन्होंने आगे कहा कि एक साल में ही 18 अलग-अलग पेशों के 20 लाख से ज्यादा लोगों को इस योजना से जोड़ा गया. सिर्फ साल भर में ही 8 लाख से ज्यादा शिल्पकारों और कारीगरों को स्किल ट्रेनिंग मिल चुकी है. अकेले महाराष्ट्र में ही 60 हजार से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग मिली है.

यह भी पढ़ें: एक महीने में PM मोदी का तीसरा दौरा... विदर्भ में छिपा है महाराष्ट्र जीतने का ये फॉर्मूला

नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे पारंपरिक कौशल में सबसे ज्यादा भागीदारी SC/ST और OBC समाज के लोगों की रही है. अगर पिछली सरकारों ने विश्वकर्मा बंधुओं की चिंता की होती, तो इस समाज की कितनी बड़ी सेवा होती लेकिन कांग्रेस और उसके दोस्तों ने SC/ST/ OBC को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ने दिया. हमने सरकारी सिस्टम से कांग्रेस की इस दलित और पिछड़ा विरोधी सोच को खत्म किया है. पिछले 1 साल के आंकड़े बताते हैं कि आज विश्वकर्मा योजना का सबसे ज्यादा लाभ SC/ST और OBC समाज उठा रहा है."

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