
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मध्य मुंबई की माहिम सीट पर अब बेहद दिलचस्प त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है. यहां तीनों सेना के उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं. मंगलवार को एकनाथ शिंदे की शिवसेना से सिटिंग विधायक सदा सर्वंकर ने भी नामांकन कर दिया है. इससे पहले उद्धव ठाकरे की सेना से महेश सावंत और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने नामांकन किया था.
हालांकि, मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शैलार ने महायुति से माहिम सीट पर MNS उम्मीदवार अमित ठाकरे का समर्थन करने का आग्रह किया था और शिवसेना (शिंदे गुट) से अपना उम्मीदवार वापस लेने की पहल की थी. खबर थी कि महायुति के नेताओं की राज ठाकरे से बात हुई है, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं. सदा सर्वंकर ने एक्स पर लिखा, आज अपना नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले मैंने सिद्धिविनायक के दर्शन किए. भगवान गणेश के आशीर्वाद और लोगों के समर्थन से शिवसेना महायुति उम्मीदवार के रूप में यह चुनाव लड़ रही है.
'मैं नहीं चाहता कि किसी से समझौता किया जाए'
इस संबंध में सोमवार को अमित ठाकरे ने आजतक से बातचीत में कहा था कि वो नहीं चाहते हैं कि किसी प्रतिद्वंदी से समझौता किया जाए. वो अपने काम के आधार पर लोगों से वोट करने की अपील करना चाहेंगे.
बताते चलें कि मनसे ने इस साल की शुरुआत में लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बिना शर्त समर्थन दिया था. MNS ने विधानसभा चुनाव में ठाणे के कोपरी पाचपाखाड़ी सीट पर शिवसेना प्रमुख और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से भी परहेज किया है. हालांकि, माहिम से मौजूदा विधायक और सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सरवणकर चुनाव लड़ने पर अड़े हुए थे. सरवणकर ने सोमवार को कहा था, मैं तीन बार पार्षद रहा हूं और तीन बार विधायक के तौर पर माहिम का प्रतिनिधित्व किया है. मैं मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल करने जा रहा हूं.
'शिवसेना के लिए खास है माहिम सीट'
साल 2022 में जब शिवसेना में बगावत हुई तब सदा सर्वंकर ने उद्धव खेमे का साथ छोड़ा था और एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए थे. माहिम सीट शिवसेना के लिए हमेशा खास मानी जाती है. यहां शिवसेना और शिवाजी पार्क भी आते हैं, जहा बाला साहब ठाकरे ने शिवसेना की स्थापना की थी. सर्वंकर के उतरने से यहां त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है. माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में मराठी वोटों का बंटवारा होगा. चूंकि माहिम में ज्यादातर मराठी भाषी इलाके हैं और यह विधानसभा क्षेत्र प्रभादेवी तक फैला हुआ है. इसमें शिवाजी पार्क भी शामिल है, जहां राज ठाकरे रहते हैं.
ठाकरे परिवार से चुनावी मैदान में अमित तीसरे सदस्य
ठाकरे परिवार से अमित चुनाव लड़ने वाले तीसरे सदस्य होंगे. उनके पिता और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा है. अमित के चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने 2019 के विधानसभा चुनावों में वर्ली सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी. खुद उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2020 में विधान परिषद के लिए सदस्य चुने गए थे.
1990 से 'सेना' के पास रही माहिम सीट
माहिम इलाके में मुख्य रूप से उच्च वर्ग के मराठी भाषी और बड़े महानगरीय और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े वोटर्स रहते हैं. शिवसेना (उद्धव गुट) का मुख्यालय भी इसी इलाके में स्थित है. यह विधानसभा सीट 1990 से अविभाजित शिवसेना या मनसे के पास ही रही है. 2009 में मनसे के नितिन सरदेसाई ने माहिम सीट पर जीत दर्ज की थी.