दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार भी बेहद निराशाजनक रहा. पार्टी को लगातार 2015 और 2020 के चुनावों की तरह एक भी सीट नहीं हासिल हो सकी और 70 में से 67 सीटों पर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई.