कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए चुनाव आयोग ने नतीजों के बाद किसी तरह के विजय जुलूस या जश्न पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था लेकिन पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इसकी जमकर धज्जियां उड़ीं और जीत के रूझान आते ही पार्टी समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का जमकर मखौल उड़ाया.
पश्चिम बंगाल में टीएमसी सपोर्टर्स ने जैसे ही देखा कि उनकी पार्टी की रुझानों में लीड 202 सीट हो गई है तो कोलकाता में वह सड़क पर उतर आए और हरा गुलाल उड़ाते हुए जमकर जश्न मनाया. (फोटो क्रेडिट-एएनआई)
ऐसी ही कुछ तस्वीरें तमिलनाडु से भी आईं जहां रूझानों में डीएमके की जीत सुनिश्चित नजर आने पर चेन्नई में डीएमके प्रमुख स्टालिन के घर के बाहर उनकी पार्टी के लोगों को जमावाड़ा इकट्ठा हो गया और मिठाई बांटकर जश्न मनाया.
बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच 27 अप्रैल को चुनाव आयोग ने अहम फैसला लिया था. पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 2 मई को घोषित किए जाने थे. ऐसे में चुनाव आयोग ने नतीजों के बाद किसी तरह के विजय जुलूस या जश्न पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था. कोरोना के बढ़ते संकट के बीच चुनाव आयोग ने ये सख्त फैसला लिया था.
कोरोना के बढ़ते संकट के बीच बीते दिन ही मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई थी. मद्रास हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए पूरी तरह से चुनाव आयोग जिम्मेदार है. चुनाव आयोग ने किसी भी तरह की चुनावी सभा पर रोक नहीं लगाई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग एक जगह इकट्ठे होते रहे. फटकार लगाने के साथ ही हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि 2 मई को गिनती के लिए पूरा प्लान तैयार किया जाए. अगर इस दिन किसी तरह की चूक होती है तो अदालत काउंटिंग पर ही रोक लगा देगी. (फोटो क्रेडिट-एएनआई)
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के चुनाव नतीजे 2 मई को घोषित हो रहे हैं. इन नतीजों के रूझानों में असम और पुडुचेरी में बीजेपी को बहुमत मिलता नजर आ रहा है. केरल में एलडीएफ को और तमिलनाडु में डीएम को बहुमत मिलता नजर आ रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल में एक बार बार फिर टीएमएसी को बहुमत मिलता दिख रहा है. (फोटो क्रेडिट-एएनआई)