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ममता बनर्जी पर नंदीग्राम में हमले का कोई सबूत नहीं, कई रिपोर्ट्स पर मंथन के बाद EC का फैसला

चुनाव आयोग अलग-अलग रिपोर्ट के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि ममता बनर्जी पर कोई हमला नहीं किया गया है, इसके कोई सबूत नहीं पाए गए हैं. यानी ममता के पैर में नंदीग्राम में जो चोट लगी वो एक हादसा था.

नंदीग्राम में चुनावी कार्यक्रम के दौरान चोटिल हो गई थीं ममता बनर्जी (वीडियो ग्रैब) नंदीग्राम में चुनावी कार्यक्रम के दौरान चोटिल हो गई थीं ममता बनर्जी (वीडियो ग्रैब)
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 2:22 PM IST
  • विशेष पर्यवेक्षकों ने कल निर्वाचन आयोग को सौंपी थी रिपोर्ट
  • बंगाल के मुख्य सचिव ने भी आयोग को सौंपी अपनी रिपोर्ट
  • मुख्य सचिव की पहली रिपोर्ट से निर्वाचन आयोग नहीं था संतुष्ट

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट पर अब तस्वीर साफ हो गई है. चुनाव आयोग अलग-अलग रिपोर्ट के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि ममता बनर्जी पर कोई हमला नहीं किया गया है, इसके कोई सबूत नहीं पाए गए हैं. यानी ममता के पैर में नंदीग्राम में जो चोट लगी वो एक हादसा था.

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बता दें कि ममता बनर्जी के जख्मी होने के मामले में राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय, विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे और विशेष पर्यवेक्षक अजय नायक की रिपोर्ट पर निर्वाचन आयोग ने ये फैसला लिया है. शनिवार को ही घटना की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपी गई थी. 

निर्वाचन आयोग को शनिवार देर शाम पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव की नई और विस्तृत रिपोर्ट मिली. इससे कुछ घंटों पहले ही विशेष पुलिस पर्यवेक्षक और विशेष पर्यवेक्षक की रिपोर्ट भी मिली थीं. आज दोपहर इस पर मीटिंग बुलाई गई और मामले पर विस्तार से चर्चा की. चर्चा के बाद चुनाव आयोग ने बताया कि ममता पर हमले के सबूत नहीं मिले हैं.

मुख्य सचिव की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं

बता दें कि बंगाल के मुख्य सचिव आलापन बंदोपाध्याय ने चुनाव आयोग को अपनी नई जांच रिपोर्ट सौंप थी क्योंकि उनकी पहली रिपोर्ट में शुक्रवार को जानकारी स्पष्ट नहीं होने की बात कही गई थी. इससे संशय बढ़ रहा था. क्योंकि तथ्यों का जिक्र तो किया गया था, लेकिन घटना के कारणों का स्पष्ट ब्योरा नहीं था. इससे ये स्पष्ट नहीं था कि आखिर घटना की असली वजह क्या है? 

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इस पहली रिपोर्ट से यह भी पता नहीं चल पा रहा था कि यह घटना कहां और कैसे हुई है? मुख्य सचिव ने भीड़ का दबाव, तंग सड़क, सड़क के एकदम किनारे मौजूद लोहे का खंभा, दरवाजे का झटके से बंद होना, ममता के बाहर निकले पैर का घायल होना जैसी तथ्यात्मक बातों का जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया, लेकिन रिपोर्ट किसी निर्णय तक पहुंचने में मदद नहीं करती.

लेकिन अब अलग-अलग रिपोर्ट पर मंथन करने के बाद चुनाव आयोग इस नतीजे पर पहुंचा है कि ममता बनर्जी को जो चोट लगी वो कोई हमला नहीं था. जबकि सीएम ममता ने चोट लगन के बाद खुद ये आरोप लगाया था कि साजिश के तहत उन पर हमला किया गया.
 

 

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