
कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के आठवें और अंतिम चरण की 35 सीटों पर गुरुवार को मतदान पूरा हुआ. jजिसके बाद अब सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिकी ही हैं. आखिरी चरण की 35 सीटों पर कुल 283 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया. इस फेज के चुनाव में सभी की निगाहें टीएमसी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल पर है, जो निर्वाचन आयोग की कड़ी निगरानी में हैं. इसके अलावा बीजेपी और टीएमसी के कई दिग्गज नेताओं के लिए अग्निपरीक्षा है, जिसमें ममता सरकार के कई मंत्रियों की साख दांव पर लगी है.
पश्चिम बंगाल के आठवें चरण की जिन 35 सीटों पर वोटिंग हुई, इनमें मालदा की 6, बीरभूम की 11, मुर्शिदाबाद की 11 और कोलकाता नॉर्थ की 7 सीट शामिल हैं. 2016 के चुनाव में इन 35 सीटों में से टीएमसी ने 17 और कांग्रेस ने13 सीटें जीती थी. वहीं, बीजेपी ने महज एक सीट, सीपीआई ने 3 सीटें और एक सीट अन्य ने कब्जा जमाया था. हालांकि, इस बार का सियासी समीकरण काफी बदल गया है.
मुर्शिदाबाद जिले के जलांगी विधानसभा सीट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. यहां से ममता सरकार के कैबिनेट मंत्री और टीएमसी का मुस्लिम माने जाने वाले अब्दुल रज्जाक एक बार फिर किस्मत आजमा रहे हैं. टीएमसी से यह सीट छीनने के लिए बीजेपी ने चन्दन मंडल और सीपीएम ने सैफुल इस्लाम मोल्ला को मैदान में उतारा है.
कोलकाता के मानिकतला विधानसभा सीट पर भी सभी की निगाहें लगी हुई हैं. यहां से ममता सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्री साधन पंडे मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके खिलाफ बीजेपी ने पूर्व फुटबॉलर कल्याण चौबे और सीपीएम की रूपा बागची को उतारा है. इस तरह से यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना होती नजर आ रही है.
बंगाल के इस चरण में सभी की निगाहें बीरभूम जिले पर है. जिले की रामपुरहाट विधानसभा से ममता सरकार के कृषिमंत्री आशीष बनर्जी मैदान में उतरे हैं, जिनके खिलाफ बीजेपी ने सुभाशीष चौधरी और सीपीएम ने संजीब बर्मन पर दांव लगाया है. हालांकि, आशीष बनर्जी का यह मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन इस बार उन्हें कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
बीरभूम जिले की बोलपुर विधानसभा सीट पर भी कड़ी टक्कर होती नजर आ रही हैं. यहां से टीएमसी से ममता सरकार के राज्य मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा एक बार फिर मैदान में उतरे हैं, जिनके खिलाफ बजेपी ने अनिर्बान गांगुली को उतारा है. वहीं, आरएसपी से तपन होरे मैदान में है.
श्यामपुकुर विधानसभा सीट इस चरण की काफी अहम सीटों में से एक हैं. इस सीट से ममता सरकार की महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण राज्य मंत्री शशि पांजा एक बार फिर टीएमसी के लिए चुनावी मैदान में उतरी हैं, जिनके खिलाफ बीजेपी ने संदीपन विश्वास और एआईएफबी के जिबन प्रकाश साहा मैदान में है. 2016 में शशि पांजा ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार उन्हें कड़े मुकाबला का सामना करना पड़ रहा है.
बेलगछिया विधानसभा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार के तौर पर कोलकाता के डिप्टी मेयर अतीन घोष चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. अतीन घोष के खिलाफ बीजेपी ने शिवाजी सिन्हा रॉय और माकपा के प्रदीप दासगुप्ता को मैदान में उतार रखा है.
बेइघाटा विधानसभा सीट पर सभी की नजर है. टीएमसी से परेश पॉल मैदान में है, जिनके खिलाफ बीजेपी से काशीनाथ विश्वास और सीपीआई-एम के राजीब विश्वास को मैदान में उतार रखा है. ऐसे ही जोरासनको विधानसभा सीट पर बीजेपी ने टीएमसी के विवेक गुप्ता और कांग्रेस के अजमल खान के खिलाफ मीना देवी पुरोहित को मैदान में उतारा है.
बीरभूम जिले में ममता बनर्जी ने बीजेपी को मात देने के लिए अनुब्रत मंडल को पूरी जिम्मेदारी सौंप रखी है. टीएमसी के बीरभूम के जिलाध्यक्ष अनुब्रत मंडल के बारे में कहा जाता है कि वो जिले में जो चाहें, करा सकते हैं. ऐसे में निर्वाचन आयोग ने उन्हें नजर बंद कर रखा है.