
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने गुरुवार को कई अफसरों के तबादले किए हैं. चुनाव आयोग ने एडीजी वेस्ट जोन, डीईओ झारग्राम, साउथ कोलकाता के डीसीपी, एसपी कूच बिहार और एसपी डायमंड हार्बर का ट्रांसफर कर दिया गया है. आयोग ने कहा कि चुनाव समाप्त होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पोस्ट पर इन अधिकारियों की पोस्टिंग नहीं की जाएगी.
चुनाव आयोग ने कुछ दिनों पहले ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नियुक्तियों पर भी अस्थायी तौर पर रोक लगा दी थी. इसके साथ ही नगर निकायों में प्रशासक कार्यालयों में नियुक्त, राजनेताओं को बोर्ड बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होने से भी मना कर दिया है.
जाहिर है चुनावों के ऐलान के बाद से पश्चिम बंगाल में आचार संहिता लगी हुई है. ऐसे में चुनाव आयोग के पास अफसरों के तबादले का अधिकार है. पश्चिम बंगाल में इस बार आठ चरणों में चुनाव होना है. यह 27 मार्च से शुरू होकर 29 अप्रैल तक चलेगा. इसके बाद दो मई को चुनावी नतीजों का ऐलान किया जाएगा. पहले चरण की वोटिंग 27 मार्च को है. ऐसे में आज गुरुवार शाम से चुनाव प्रचार थम गया है.
बंगाल के पहले चरण की 30 सीटों के लिए 191 प्रत्याशी जबकि असम की 47 सीटों पर 267 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं.
बंगालः पहले चरण में 47 सीटें
बंगाल के पहले चरण में पांच जिलों बांकुड़ा, पुरुलिया, झारग्राम, पश्चिमी मिदनापुर और पूर्वी मिदनापुर जिले की 47 सीटों पर शनिवार को वोटिंग होगी. जंगल महल क्षेत्र के नाम से चर्चित इन इलाकों में आदिवासी समुदाय की पकड़ है. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने टीएमसी के गढ़ में सेंधमारी की थी. ऐसे में इन 30 सीटों के चुनाव काफी दिलचस्प हो गए हैं.
बीजेपी से टीएमसी का सीधा मुकाबला
इस बार टीएमसी तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चुनावी मैदान में है. इससे पहले 2016 विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने भारी बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी. इस चुनाव में टीएमसी का मुख्य मुकाबला बीजेपी से है. इसके अलावा लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन भी चुनावी मैदान में है.