बंगाल में चुनावी प्रचार चरम पर है. इस बार सीधा मुकाबला बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच माना जा रहा है. दोनों पार्टियों की खासियत के अलावा कुछ कमजोरियां भी है. जहां बीजेपी के लिए मोदी-शाह का चेहरा चुनावों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, लेकिन एक स्थानीय सर्वमान्य चेहरे की कमी उसका खेल खराब कर सकती है. वहीं टीएमसी ममता बनर्जी के चेहरे और आक्रामक प्रचार के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश में है. लेकिन एंटी इंकम्बेंसी, हिंसा के समर्थन के आरोप, मुस्लिम तुष्टिकरण, पार्टी में फूट, परिवारवाद के आरोप और भ्रष्टाचार के आरोप उसके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. देखें रिपोर्ट.
As the election campaign continues, the political spat between TMC and BJP is also increasing. But the parties have some weakness too. Where BJP does not have any popular local common face in Bengal. On the other hand, TMC is facing anti-incumbency, allegations of support for violence, Muslim appeasement, split in the party and corruption.