बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले सहरसा में शहर के ठीक बीचों-बीच बसे लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है. 200 मीटर की सड़क के निर्माण के लिए स्थानीय लोगों ने चुनाव में मतदान के बहिष्कार का मन बना लिया है. उन्होंने ये कदम प्रशासन की लापरवाही भरे रवैये को देखते हुए उठाया है. (इनपुट- धीरज कुमार)
दरअलस, दहलान चौक से गांधी चौक की बीच की दूरी लगभग 400 मीटर के आसपास है. जिनमें से आधे से अधिक पर संवेदक द्वारा सड़क निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. लेकिन बाकी बचे 200 मीटर की दूरी के क्षेत्र में सड़क के निर्माण को अधूरा छोड़ दिया गया है. इससे लोगों का चलना दूभर हो रहा है.
बार-बार लोगों द्वारा सड़क निर्माण के लिए किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर जिला प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया. जिसका परिणाम वोट बहिष्कार के रूप में सामने आया है. मोहल्ले में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाने वाले बॉबी ने कहा कि पिछले तीन महीने से कुछ कमाई नहीं हुई.
बॉबी कहते हैं क्या करें आप ही बताएं, जहर खाकर मर जाएं. रोड का हाल देखिए क्या है. हाथ जोड़कर नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन इस बार कोई वोट नहीं देगा, हम लोग नोटा पर बटन दबाएंगे.
वहीं, आशिफ ने कहा कि आए दिन यहां कभी रिक्शा पलट जाता है तो किसी का हाथ-पांव टूट जाता है. फिर भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं है. यहां महज 200 मीटर सड़क अधूरी है. जबकि विभाग द्वारा दहलान चौक से गांधी चौक तक की सड़क निर्माण का ठेका दिया जा चुका है.
संवेदक आधी सड़क का निर्माण तो कर चुका है. बाकी आधी सड़क पर जेसीबी से तोड़फोड़ करने के बाद उसे अधूरा छोड़ गया. इससे परेशान होकर इस मोहल्ले के लोगों ने वोट नहीं करने की निर्णय लिया है.