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बिहार: 2010 में सात करोड़ की लागत से बना था पुल, धंस गया पाया

गोविंद कुमार
  • 29 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:55 PM IST
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बिहार के बांका और मुंगेर जिले की सीमा पर 2010 में सात करोड़ की लागत से बदुआ नदी बना पुल धंस गया है. कांवरिया मार्ग पर बने इस पुल को पथ निर्माण विभाग द्वारा तैयार कराया गया था. बताया गया है कि नदी में बालू माफिया द्वारा बेतरतीब तरीके से किए गए बालू खनन के कारण पुल की ये हालत हुई है. पुल का निर्माण 2010 में कांवरिया मार्ग को नदी की तेज धार से गुजरने से रोकने के लिए पथ निर्माण विभाग द्वारा करीब सात करोड़ की लागत से बेलहर के धौरी में पुल बनवाया गया था. (रिपोर्टः गोविंद कुमार)

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धौरी के ग्रामीण सीनू सिंह ने बताया कि बालू माफियों के नदी से बालू उठाने के कारण पुल का एक पाया धंस गया है. पाया धंसने से यातायात पूरी तरह से ठप्प होने के कगार पर है. इस पुल के बनने से बांका और मुंगेर के दर्जनों गांव के लोगों का एक दूसरे जिले से संपर्क जुड़ा है, लेकिन अब यह संपर्क टूटने के कगार पर पहुंच चुका है. राहगीरों ने आज तक से बात करते हुए बताया कि मुंगेर और धौरी के बालू ​माफियाओं के कारण इस पुल की ये हालत हुई है.

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भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राम खेलावन शर्मा ने बताया की विश्व प्रसिद्ध श्रावण मेला को देखते हुए वर्ष 2010 में सात करोड़ की लागत से मुंगेर और बांका को जोड़ने के लिए पुल बनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया है कि यह माइनिंग विभाग की बड़ी लापरवाही रही. उनकी देखरेख के बाद भी इस पुल के नीचे पाये के पास जेसीबी से अवैध बालू का खनन कर लिया गया, जिसके चलते पुल धंस कर गिरने की कगार पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा की इस पुल के धंसने से करीब 50 गांव से अधिक का संपर्क खत्म हो जाएगा, वहीं तीर्थ यात्रियों को भी बड़ी परेशानी होगी.

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वहीं इस मामले में तारापुर अनुमंडल अधिकारी रंजीत कुमार ने बताया की मुंगेर और बांका जिले की सीमा को जोड़ने वाले पुल के सात नंबर पाया के धंसने की सूचना मिली है. उन्होंने कहा कि बारिश के कारण नदी का बहाव तेज हो जाने के कारण या किसी और कारण से पिलर के धंसने की आशंका है. हालांकि संग्रामपुर और बेलहर थानाध्यक्ष तथा सीओ को स्थल निरीक्षण के लिए भेजा गया है.

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फिलहाल अभी स्थिति को देखते हुए पुल पर वाहनों के आवाजाही पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि पुल निर्माण निगम के अधिकारी और इंजीनियर भी स्थल निरिक्षण के लिए आने वाले हैं. वहीं बालू माफिया द्वारा बालू के अवैध खनन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीओ और थानाध्यक्ष को जांच के लिए कहा गया है. जैसी रिपोर्ट आएगी उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही खनन अधिकारी के द्वारा उस पर संज्ञान लिया गया था. उनसे भी जानकारी ली जा रही है.

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