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बिहार विधानसभा चुनाव

Supaul: विरोध- इस गांव के बाहर लगा नेताओं की नो एंट्री का बोर्ड, ये है वजह

aajtak.in
  • 13 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 10:39 PM IST
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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 शायद इन ग्रामीणों के लिए एक मौका है, अपनी शिकायत नेताओं के कानों तक पहुंचाने का. ये मौका मिला तो सुपौल के छातापुर प्रखंड की घिवहा पंचायत के ग्रामीणों ने गांव में नेताओं की नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया है. (इनपुट- रामचंद्र)

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विकास कार्य न होने से नाराज ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की. साथ ही कहा है कि रोड नहीं, तो वोट भी नहीं. सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड के घिवहा पंचायत के ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.  

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रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए गए. इतना ही नहीं गांव में नेताओं के लिए नो एंट्री का बोर्ड भी लगा दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि हजारों की आबादी वाले इस गांव में एक पक्की सड़क तक नहीं है. चुनाव आता है, तो नेता गांव की तरफ वोट मांगने के लिए दौड़ लगाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं. 

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इसलिए इस बार ​निर्णय लिया गया है कि वोट नहीं करेंगे, साथ ही किसी भी नेता को गांव में भी नहीं घुसने देंगे. सड़क की वजह से नहीं हो रही शादी. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से ये गांव पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है. 

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बारिश के दिनों में इस गांव तक पहुंचना आसान नहीं होता है. हालत ये हो गई कि गांव में आवागमन का सही प्रबंध न होने की वजह से कोई भी इस गांव के युवाओं से अपनी लड़की की शादी करने के लिए तैयार नहीं है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

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