नेपाल लगातार भारत के साथ तनाव वाला माहौल बना रहा है. कभी किसी इलाके को अपना बताता है तो कभी भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने सैनिकों की बटालियन तैनात करता है. इसके बीच बिहार के मधुबनी में जयनगर से नेपाल के लिए ट्रेन चलाई जाएगी. ये ट्रेन सेवा जयनगर से जनकपुर होते हुए नेपाल के बर्दिवास तक जाएगी. (रिपोर्टः अभिषेक कुमार झा)
जयनगर से नेपाल के लिए बने नए रेलवे ट्रैक पर गुरुवार को एक डीएमयू ट्रेन रवाना की गई. इस ट्रेन में पांच डिब्बे थे. यानी नेपाल के साथ चल रहे तनाव के बीच बिहार के मधुबनी और नेपाल के लोगों के लिए राहत की खबर है. इस ट्रेन से लोगों का आना-जाना अब शुरू हो सकेगा और लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने दोनों देशों में आ-जा सकेंगे.
डीएमयू ट्रेन को गुरुवार की सुबह नेपाल के बर्दिवास के लिए रवाना किया गया. इस ट्रेन में कुछ रेलवे अधिकारी भी गए हैं. यह ट्रेन शाम को वापस लौट आएगी. इस यात्रा के दौरान रेलवे अधिकारी ट्रेन के संचालन और पटरियों की स्थिति की जांच करेंगे. इसके बाद नेपाल के नेता, रेलवे अधिकारी और भारतीय अधिकारी यह फैसला लेंगे कि ट्रेन का संचालन किस दिन से शुरू किया जाए.
रेलवे के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मधुबनी के जयनगर से नेपाल के लिए नई ट्रेन का संचालन नवरात्री से होने की संभावना है. यह ट्रेन 9 स्टेशनों पर रुकेगी. 5 हॉल्ट और 142 पुलों से होते हुए जयनगर से नेपाल जाएगी. इस ट्रेन का रूट होगा - जयनगर, इनरवा, खौजली, वेदही, कुर्था, सिंघराही, पिपराही, विजलपुरा और बर्दीवास.
64 किलोमीटर लंबी ट्रैक पर कुल 19 बड़े और 123 छोटे पुल बनाए गए हैं. महिनाथपुर, जनकपुर, लोहरपट्टी रामनगर, परवाह को हॉल्ट बनाया गया है. इस रेलखंड में तीन चरणों में ट्रेन का संचालन होगा. पहले चरण में जयनगर से कुर्था तक 34 किलोमीटर, दूसरे में कुर्था से विजलपुरा तक 17 किलोमीटर और तीसरे चरण में विजलपुरा से बर्दीवास तक.