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बिहार विधानसभा चुनाव

Kaimur: 18 KM का घना जंगल, 1200 फीट ऊंचे पहाड़ से नीचे आकर डालते हैं वोट

रंजन कुमार त्रिगुण
  • 28 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST
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बिहार विधानसभा के प्रथम चरण का मतदान हो रहा है. बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन देखने को मिली. ऐसे में हम बिहार के जिला कैमूर के एक ऐसे बूथ के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां तक पहुंचने में वोटर को तीन घंटे का समय लगता है. हैरान होने की बात नहीं है ये सच्चाई है. इन ग्रामीणों को अपना वोट डालने के लिए 18 किलोमीटर का घना जंगल पार करना होता है, इसके बाद 1200 फीट ऊंचे पहाड़ से नीचे उतरना पड़ता है.  (इनपुट-रंजन कुमार त्रिगुण)

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कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड में लगभग 124 गांव ऐसे हैं, जो पहाड़ के ऊपर बसे हुए हैं. वहीं एक मात्र गांव विनोबानगर तलहटी में है, इस गांव की पंचायत का बड़वान कला गांव पहाड़ पर बसा हुआ है. ऐसे में यहां के लोगों को मतदान करने के लिए विनोबानगर में आना पड़ता है. यहां के ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मतदान केन्द्र तक आने में तीन घंटे का समय लगता है. 

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इसके लिए उन्हें 18 किलोमीटर का घना जंगल पार करना होता है, इसके बाद करीब 1200 फीट ऊंचे पहाड़ से उतरकर नीचे आना पड़ता है. हालांकि मतदान करने के लिए आने वाले बड़वान कला के मतदाताओं के लिए खाने का प्रबंध विनोबा नगर के ग्रामीणों द्वारा किया जाता है. तो वहीं कुछ मतदाता तो यहां पिकनिक की तरह लिट्टी चोखा खाकर फिर वापस अपने गांव जाते हैं. 

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बताया जाता है कि एक समय ऐसा था, जब बड़वान कला के ग्रामीणों की शादी नहीं हुआ करती थी. 70 और 80 साल के लोग गांव में आज भी कुंवारे हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने पहाड़ काटकर अस्थायी रास्ता बनाया, लेकिन बारिश के दिनों में ये भी बंद हो गया. यहां के लोगों का कहना है कि हर बार चुनाव में वोट डालते हैं, लेकिन उनकी समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है. वोट डालने के लिए वे आज भी 18 किमी का घना जंगल और 1200 फीट ऊंचे पहाड़ से उतरकर आये हैं. 
 

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वहीं पीठासीन पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि विनोबा नगर में दो मतदान केंद्र हैं. इन दोनों बूथ पर वोटिंग करने के लिए पहाड़ से नीचे उतर कर लोग आ रहे हैं. शांतिपूर्वक मतदान चल रहा है. सुबह 10 बजे तक लोगों की भीड़ नहीं थी, लेकिन पहाड़ के लोग 10 बजे के बाद आना शुरू हो गए, जिसके बाद तेजी से मतदान प्रतिशत भी बढ़ गया है.

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