
बिहार के चुनावी दंगल की तस्वीर 10 नवंबर को साफ हो जाएगी. कटिहार की बरारी सीट पर सभी की नजरें हैं. इस सीट पर अब तक कुल 15 चुनाव हुए हैं. इनमें 5 बार कांग्रेस, दो-दो बार बीजेपी, आरजेडी और एक-एक बार NCP, जनता दल, लोकदल, जनता पार्टी, माकपा और निर्दलीय जीते हैं.
इस बार बरारी सीट से 32 नामांकन दाखिल हुए थे. इसमें एक ने नामांकन वापस ले लिया. 24 नामांकन को स्वीकार किया गया था, जबकि 7 रिजेक्ट कर दिए गए. तीसरे चरण में यहां 7 नवंबर को 66.76% फीसदी वोटिंग हुई है और इन उम्मीदवारों के बीच लड़ाई मानी जा रही है.
1- नीरज कुमार- RJD
2- विजय सिंह- JDU
3- विभाषचंद्र चौधरी-LJP
4- मो. शमशाद आलम- NCP
5- तनुजा खातून- प्लुरल्स पार्टी
एग्जिट पोल में किसे कितनी सीट?
• महागठबंधन को 139 से 161 सीटें
• एनडीए को 69 से 91 सीटें
• लोजपा को 3 से 5 सीटें
• GDSF को 3 से 5 सीटें
• अन्य को 3 से 5 सीटें
2015 में बरारी सीट से आरजेडी के नीरज कुमार ने बीजेपी के विभाश चंद्र चौधरी को 14,336 वोटों से हराया था. विभाश चंद्र यहां से अक्टूबर 2005 और 2010 का चुनाव जीत चुके हैं. उनसे पहले फरवरी 2005 में यहां से NCP के मोहम्मद साकूर दूसरी बार जीते थे. इससे पहले मोहम्मद साकूर 1972 में कांग्रेस के टिकट पर जीते थे. इस सीट पर मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है. राजपूत, ब्राह्मण, पासवान और यादव अहम भी भूमिका में हैं.
विधायक- नीरज कुमार
पार्टी- आरजेडी
वोटरों की संख्या- 2,47,205
पुरुष वोटर - 1,26,119
महिला वोटर- 1,10,363
कटिहार जिले का इतिहास
कटिहार 1973 में पूर्णिया जिले से विभाजित होकर एक संपूर्ण जिला बना. पूर्व में कटिहार जिले में चौधरी परिवार का प्रभुत्व था, जो कोसी क्षेत्र के सबसे बड़े जमींदार थे. चौधरी परिवार के संस्थापक खान बहादुर मोहम्मद बक्श थे, जिनके पास कटिहार जिले में लगभग 15000 एकड़ और 8500 एकड़ जमीन पूर्णिया जिले में थी.
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