
समस्तीपुर जिले में आने वाली विभूतिपुर विधानसभा सीट से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के अजय कुमार ने जीत हासिल की है. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और जेडीयू के उम्मीदवार राम बालक सिंह को 40496 मतों से शिकस्त दी. अजय कुमार को 73822 (45%) वोट मिले जबकि राम बालक सिंह के खाते में 33326 (20.31) वोट दर्ज किए गए. लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के चंद्र बली ठाकुर को 28811(17.56) मत मिले. इस सीट पर तीन नवंबर को 60.79% मतदान हुआ था.
मुख्य प्रत्याशी
जेडीयू- राम बालक सिंह
माकपा- अजय कुमार
एलजेपी- चंद्रबली ठाकुर
समस्तीपुर जिले में आने वाला विभूतिपुर दूसरा सबसे बड़ा प्रखंड है. इसमें 29 पंचायतें हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में दलसिंह सराय प्रखंड की छह पंचायतें हैं. विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र वामदल का गढ़ रहा है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के रामदेव वर्मा यहां से छह बार विधायक रहे.
क्या रहे 2015 के नतीजे
बहरहाल, उजियारपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विभूतिपुर विधानसभा सीट की गिनती अहम सीटों में होती है. 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू के राम बाल सिंह ने जीत हासिल की थी. उन्होंने माकपा के राम देव वर्मा को हराया था. राम बालक सिंह ने 2010 के विधानसभा चुनावों में भी जदयू उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी. 2010 के चुनावों में माकपा के रामदेव वर्मा दूसरे स्थान पर रहे थे.
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इससे पहले, राम देव बालक लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के टिकट पर अक्टूबर 2005 और फरवरी 2005 के चुनावों में मैदान में उतरे थे, जहां उन्हें दोनों बार माकपा के रामदेव वर्मा के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था. माकपा के रामदेव वर्मा ने 2000, 1995 और 1990 के चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रबली ठाकुर को लगातार हराते रहे. कांग्रेस के टिकट पर चंद्रबली ठाकुर ने 1985 के चुनावों में माकपा के रामदेव वर्मा को मात दी थी. 1980 के चुनावों में रामदेव वर्मा ने कांग्रेस के बंधु महतो को हराकर माकपा को जीत दिलाई थी. इससे पहले कांग्रेस के बंधु महतो 1977 में जनता पार्टी के सुरेश प्रसाद महतो को मात दे चुके थे.
निर्णायक होता है कुशवाहा वोट
विभूतिपुर विधानसभा सीट पर कुशवाहा जाति के मतदाता निर्णायक भूमिका में होते हैं. यादव, भूमिहार और राजपूत वोटर्स भी अहम माने जाते हैं लेकिन कहा जाता है कि इस क्षेत्र के कुशवाहा जाति के मतदाता कहीं भी एकमुश्त वोटिंग करते हैं, इसलिए उन्हें निर्णायक वोटर माना जाता है. यानी जिन्हें उनका समर्थन मिल जाए उनकी जीत पक्की मानी जाती है.
सामाजिक समीकरण
विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक 398181 है. इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति का अनुपात क्रमशः 17.7 और 0.04 फीसदी है. 2019 की मतदाता सूची के अनुसार 257381 मतदाता वोट करेंगे. यहां 2015 के चुनावों में 60.43% वोटिंग हुई थी.