
बिहार की राजनीति में अब्दुल बारी सिद्दीकी बड़ा नाम है. वह कभी लोकसभा चुनाव नहीं जीत सके लेकिन सात बार बिहार विधानसभा चुनाव जीता और 80 के दशक से अलग-अलग सरकारों में मंत्री पद संभाला. सिद्दीकी अभी दरभंगा की अलीनगर विधानसभा सीट से आरजेडी विधायक हैं और पिछली महागठबंधन सरकार में बिहार के वित्त मंत्री रह चुके हैं.
कैसा रहा शुरुआती सफर
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत जय प्रकाश नारायण के सानिध्य में की. कहा जाता है कि वह जेपी के सबसे चहेते शिष्यों में से एक थे. पहली बार उन्होंने साल 1977 में जनता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर दरभंगा की बहेड़ा सीट से विधानसभा चुनाव जीता था. इस चुनाव में सिद्दीकी ने कांग्रेस के हरिनाथ मिश्र को शिकस्त दी थी.
अपना पहला ही विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सिद्दीकी को कर्पूरी ठाकुर की सरकार में संसदीय कार्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हालांकि इसके बाद 1980 से लेकर 1990 तक लगातार तीन चुनावों में सिद्दीकी को हार का सामना करना पड़ा. फिर उन्हें 1992 में विधान परिषद सदस्य बनाया गया.
बिहार के वित्त मंत्री बने
इसके बाद से सिद्दीकी लगातार विधानसभा चुनाव जीतते रहे और 2010 आरजेडी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला. साल 2015 की महागठबंधन सरकार में सिद्दीकी को बिहार का वित्त मंत्री बनाया गया था. लालू यादव के कहने पर उन्होंने 2009 और 2014 में मधुबनी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. साल 2019 में अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दरभंगा से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन यहां भी बीजेपी के गोपालजी ठाकुर ने उन्हें बड़े अंतर से शिकस्त दी.
राजनीतिक सफर से अलग अब्दुल बारी सिद्दीकी बिहार किक्रेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और अखिल भारतीय बैडमिंटन संघ के उपाध्यक्ष भी हैं.