
कोरोना की चुनौती के बीच बिहार में विधानसभा चुनाव 2020 का आयोजन देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में एक नए कीर्तिमान की शुरूआत है. ये कीर्तिमान होगा कोरोना संकट के बीच सबसे बड़े चुनाव के आयोजन का. इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत ज्यादा से ज्यादा हो, इसके लिए चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं. इसके बावजूद राजनैतिक विश्लेषकों की नजर में पूरे राज्य में मतदान का आंकड़ा 60 प्रतिशत के पार ले जाना बड़ी चुनौती साबित होगी.
मतदान को प्रभावित कर सकते हैं ये दो बड़े फैक्टर
1. कोरोना संक्रमण के खतरे और कन्टेनमेंट जोन
बिहार में हाल के कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण में तेजी आई है. मौजूदा समय में बिहार में संक्रमण के 18 लाख 71 हजार से ज्यादा मामले में सामने आ चुके हैं और 915 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में इन दिनों एक्टिव केसेज की संख्या 12 हजार पहुंचने को है. पटना में सर्वाधिक 2 हजार से ज्यादा सक्रिय मामले हैं. जबकि मुजफ्फरपुर,पूर्वी चंपारण, मधुबनी में भी सक्रिय कोरोना संक्रमितों की संख्या 800 से ज्यादा है.
2. बाढ़ की विभीषिका झेलते 13 जिले
बिहार के उत्तर पूर्वी जिलों में मॉनसून सीजन के दौरान बाढ़ का कहर बरपाना कोई नई बात नहीं. हर साल दर्जन भर से ज्यादा जिले बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं. खासबात ये है कि इस वर्ष भी नेपाल से सटे जिलों के साथ बिहार की प्रमुख नदियों के रास्ते में पड़ने वाले 13 जिलों की करीब 70 लाख आबादी ने कुदरत का कहर झेला है. इन दिनों में अब तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. इन जिलों के लोगों के लिए पुर्नस्थापना की चुनौतियों के बीच बूथ तक लाना भी कम चुनौती नहीं.
सिर्फ तीन बार 60 फीसदी से ज्यादा मतदान
बिहार में विधानसभा चुनावों के इतिहास पर नजर डालें तो अब तक 16 बार यहां चुनाव आयोजित हो चुके हैं. इसमें से महज 3 बार ही राज्य में 60 फीसदी से ज्यादा मतदान रिकॉर्ड किया गया है. खास ये है कि 60 फीसदी से ज्यादा मतदान एक श्रृंखला के रूप में दर्ज है. वर्ष 1990, 1995 और वर्ष 2000 के विधानसभा चुनावों में क्रमश: 62.04, 61.79 और 62.57 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके पहले या बाद में कभी भी यहां की जनता ने मतदान में फर्स्ट डिविजन हासिल नहीं किया.
1952 में सबसे कम मतदान
बिहार में पूर्णावधि और मध्यावधि विधानसभा चुनावों में सबसे कम मतदान राज्य के पहले चुनाव में देखने को मिला था. बिहार राज्य के गठन के बाद 1952 में हुए सबसे पहले विधानसभा चुनाव में महज 39.51 प्रतिशत ही मतदान हुआ था. कुल 16 बार हुए विधानसभा के चुनावों में पांच ऐसे मौके आए जब राज्य में कुल मतदान प्रतिशत 50 प्रतिशत से भी कम था. जबकि आठ बार वोटिंग स्कोर 50 से 60 प्रतिशत के बीच था.
वर्ष और मतदान प्रतिशत
1952 39-51
1957 41-32
1962 44-47
1967 51-51
1969 52-79
1972 52-79
1977 50-51
1980 57-28
1985 57-27
1990 62-04
1995 61-79
2000 62-57
2005 - फरवरी 46.50
2005 - अक्टूबर 45-85
2010 52-67
2015 56-66