
बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में अब पिछड़े, अति पिछड़ों को जनसंख्या के अनुसार टिकट देने की मांग उठी है. बिहार कांग्रेस समिति के पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश पाल ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को अलग-अलग पत्र लिखकर आगामी विधानसभा चुनाव में पिछड़े और अति पिछड़ों को जनसंख्या के आधार पर भागीदारी की मांग की है.
शुक्रवार को भेजे गए पत्र में कैलाश पाल ने लिखा, "इस चुनाव में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए हमें पिछड़े, अति पिछड़े समुदायों से अधिक समर्थन लेने के लिए इनको पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना चाहिए. हमें उम्मीदवार चयन में अधिक लोकतांत्रिक ढांचा लाना होगा, जिससे हमारी पार्टी के कार्यकर्ता प्रेरित महसूस कर सके, जिससे मनोवैज्ञानिक वृद्धि हो सके."
पाल ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा कि आपके नेतृत्व में बिहार के युवाओं में काफी उल्लास है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बिहार में एक बार फिर से महागठबंधन की सरकार ही बनेगी.
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पत्र में पूर्व उपाध्यक्ष ने सुझाव देते हुए लिखा, "हमें बीजेपी से मुकाबला करने के बजाय, बिहार के भविष्य के विकास और पार्टी के नीतिगत ढांचे के बारे में विचार करना चाहिए." उन्होंने कहा, "पिछड़े और अति पिछड़ों को सम्मान देकर ही हम सत्ता में वापसी कर सकते हैं."