
बिहार चुनाव 2020 में प्रथम चरण के नामांकन के अंतिम दिन 8 प्रत्याशी आचार संहिता उल्लंघन में फंस गए. इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि ये प्रत्याशी कलेक्ट्रेट कार्यालय औरंगाबाद में समर्थकों की अत्यधिक भीड़ की साथ आए, साथ ही कोरोना काल की गाइडलाइन का पालन भी नहीं किया गया.
बीजेपी, आरजेडी और कांग्रेस प्रत्याशी फंसे
औरंगाबाद कलक्ट्रेट में तैनात मजिस्ट्रेट अफजल आजमी के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई है. इस एफआईआर में नवीनगर से आरजेडी प्रत्याशी विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह, औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामाधार सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी आनंद शंकर सिंह को नामजद किया गया है. मजिस्ट्रेट ने कहा है कि नामांकन के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा कोविड-19 के नियम एवं कानून का उल्लंघन किया. इसके अलावा प्रत्याशियों के साथ समर्थकों की अत्यधिक भीड़ रही, जबकि शहर में धारा 144 लागू है.
ओबरा में चार प्रत्याशी फंसे
औरंगाबाद के ओबरा में भी चार प्रत्याशियों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है. बताया गया है कि गोह के पूर्व विधायक डॉ. रणविजय सिंह, एलजेपी प्रत्याशी डॉ. प्रकाश चंद्रा, निर्दलीय प्रमोद सिंह चंद्रवंशी और रालोसपा प्रत्याशी अजय कुमार के विरुद्ध दाउदनगर थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है. मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि रालोसपा प्रत्याशी अजय कुमार और निर्दलीय प्रत्याशी प्रमोद सिंह अत्यधिक भीड़ के साथ अनुमंडल कार्यालय पहुंचे थे.
कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं किया
कोरोना की गाइड लाइन का पालन न किए जाने और अत्यधिक भीड़ एकत्र करने के मामले में दोनों प्रत्याशियों पर आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज हुआ है. वहीं डेयरी फिल्ड ऑफिसर राकेश कुमार निराला ने एलजेपी प्रत्याशी डॉ. प्रकाश चंद्रा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है. डॉ. प्रकाश पर भी 100 से 120 कार्यकर्ताओं की भीड़ साथ लेकर चलने और कोरोना नियमों का पालन नहीं करने का आरोप है.