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नवादा जिले की हिसुआ विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. इस सीट से बीजेपी के अनिल सिंह लगातार तीन बार से विधायक बन रहे हैं. उससे पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था और कभी निर्दलीय तो कभी कांग्रेस के टिकट पर आदित्य सिंह छह बार विधायक बन चुके हैं. इस बार सीट पर मुकाबला रोचक रहने वाला है.
हिसुआ विधानसभा सीट का राजनीतिक समीकरण
इस सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था. कांग्रेस के टिकट पर राजकुमारी देवी विधायक बनी थीं. इसके बाद 1962 में भी राजकुमार देवी, कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं. इसके बाद 1967, 1969 और 1972 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर शत्रुघ्न शरण सिंह चुनाव जीते. 1977 में जनता पार्टी के बाबू लाल सिंह चुनाव जीतने में कामयाब हुए.
इसके बाद आदित्य सिंह लगातार छह विधायक बने. 1980 और 1985 के चुनाव में आदित्य सिंह, निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते. इसके बाद 1990 और 1995 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर आदित्य सिंह जीते. 2000 का चुनाव आदित्य सिंह निर्दलीय लड़े और जीते. 2005 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर आदित्य सिंह लड़े और जीतने में कामयाब हुए. 2005 के चुनाव में कांग्रेस के किले में बीजेपी ने सेंधमारी की. 2005, 2010 और 2015 में बीजेपी के टिकट पर अनिल सिंह जीते.
कौन-कौन है मैदान में?
कांग्रेस- नीतू कुमारी
भारतीय जनता पार्टी- अनिल सिंह
बहुजन समाज पार्टी- उत्तम कुमार चौधरी
कब हुआ चुनाव?
पहला चरण – 28 अक्टूबर
नतीजा – 10 नवंबर
कितने फीसदी मतदान?
हिसुआ विधानसभा सीट पर पहले चरण में मतदान हुआ था. इस दौरान 50.32 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे.