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त्रिशंकु हुई विधानसभा तो इन दलों के हाथ में होगी बिहार की सत्ता की चाबी

बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने 144 पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से 74 उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. वहीं, महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे.

नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान, तेजस्वी यादव नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान, तेजस्वी यादव
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 10 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST
  • एलजेपी के बिहार की किंगमेकर बनने की संभावना
  • छोटे दलों के हाथ में सत्ता की चाबी मिल सकती है

बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है और शुरूआती रुझानों में तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन और नीतीश कुमार की अगुवाई वाले एनडीए के बीच कांटे की टक्कर है. बिहार में अभी तक आए रुझानों से किसी भी पार्टी की सरकार बनती दिख नहीं रही है. बिहार में अन्य दल किंगमेकर बनने की भूमिका में दिख रहे हैं. बिहार में त्रिशंकु विधानसभा होती है तो छोटे दलों के हाथ में सत्ता की चाबी रहने की संभावना है. 

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बिहार की 238 सीटों पर आए रुझाने के मुताबिक 112 सीटों पर महागठबंधन आगे चल रही है जबकि एनडीए 107 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं, अन्य दल 19 सीटों पर आगे चल रहे हैं. इस तरह से एनडीए और महागठबंधन दोनों बहुमत से दूर हैं और अन्य दलों के सहारे ही सरकार बनाने की स्थिति बन रही है. यही नतीजे रहे तो छोटे दल और निर्दलीय किंगमेकर बनकर उभर रहे हैं. 

बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने 144 पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से 74 उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. वहीं, महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे. उसमें 26 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही . महागठबंधन में शामिल वामपंथी दल दोबारा से मजबूत होते नजर आ रहे हैं. बिहार में वामपंथी दलों ने 29 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से 14 सीटों पर आगे चल रही है. 

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बिहार में बीजेपी 110 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, इनमें से 65 सीटों पर आगे चल  रही हैं. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जेडीयू ने बिहार में 115 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से उसे 40 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, वीआईपी पार्टी ने 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से उसे 4 सीटों पर आगे चल रही है. ऐसे ही जीतनराम मांझी की पार्टी HAM ने सात सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से 1 सीटों पर बढ़त मिल रही है. 

वहीं, एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली एलजेपी ने बिहार की 135 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से वो 7 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है  इसके अलावा जीडीएसएफ को 5 सीटें मिल रही हैं. वहीं, अन्य को 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. इससे साफ जाहिर है कि सत्ता की चाबी अन्य और छोटे दलों के हाथ में जाती दिख रही है. ऐसे में छोटे दल जिसके साथ जाएंगे उसकी सरकार बननी तय है. 

 

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