
कोरोना संकट काल में देश अपने पहले चुनाव की ओर बढ़ रहा है. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही वक्त बचा है. इस बीच चुनाव आयोग की ओर से बड़ा फैसला किया गया है. अब किसी भी नई पार्टी को बिहार चुनाव में लड़ने के लिए अगर रजिस्ट्रेशन कराना है तो उसे 30 दिन नहीं बल्कि सात दिन का ही नोटिस देना होगा.
चुनाव आयोग का ये फैसला सिर्फ 20 अक्टूबर 2020 तक ही मान्य होगा. क्योंकि यही तीसरे फेज़ के नामांकन की आखिरी तारीख है. चुनाव आयोग की ओर से इस बारे में कहा गया, ‘कोरोना संकट के कारण बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान 25 सितंबर को हुआ, जिसकी वजह से नए दलों या समूहों को अपना रजिस्ट्रेशन करने का कम वक्त मिला. ऐसे में अब 30 दिन की बजाय सिर्फ सात दिनों के नोटिस पर ही नए राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा’.
चुनाव आयोग के आदेशानुसार, नए दलों को दो राष्ट्रीय और एक लोकल अखबार में अपनी पार्टी के गठन के नोटिस को छपवाना होगा. ताकि चुनाव आयोग की मंजूरी की जानकारी लोगों को मिल सके.
आपको बता दें कि चुनाव के वक्त में कई नई पार्टियां, मोर्चे और संगठन बनते हैं ऐसे में इस प्रक्रिया का ध्यान रखा गया है. क्योंकि इस बार कोरोना का संकट है और मतदान में काफी कम वक्त है इसलिए ये प्रक्रिया की गई है.
बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है और पहले चरण के लिए उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल करना शुरू कर दिया है. जैसे-जैसे राजनीतिक दलों की ओर से टिकट वितरण किया जा रहा है, नामांकन बढ़ रहा है. बिहार में इस बार तीन चरण में मतदान होना है. 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को मतदान होना है, जबकि दस नवंबर को नतीजे घोषित होंगे.