
देश के लगभग सभी राज्यों में ऐसे परिवार मिल जाएंगे, जो देश और राज्य की राजनीति के सेंटर पॉइंट या फिर टर्निंग प्वाइंट होते हैं. इन दिनों बिहार में चुनावी सरगर्मी तेजी से बढ़ रही है. इसलिए ये सवाल प्रासंगिक हो जाता है कि बिहार के वो कौन से परिवार है जो वहां की राजनीति की धुरी है. आज हम आपका कुछ ऐसे ही राजनीतिक परिवारों से परिचय कराएंगे जिनके बिना बिहार की सियासत पूरी नहीं हो सकती.
यादव फैमिली
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी को राज्य में किंगमेकर की भूमिका में देखा जाता है. लालू प्रसाद का परिवार और उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल पिछले कई दशकों से बिहार के राजनीति की एक धुरी हैं. राज्य ही नहीं, केंद्र की सत्ता में भी इस परिवार का समर्थन अहम साबित होता रहा है.
अब लालू और राबड़ी के छोटे बेटे तेजस्वी यादव इस परिवार को फ्रंट फेस बनकर विधानसभा चुनाव 2020 में जुटे हुए हैं. जबकि इसी परिवार के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती, भांजा तेज प्रताप सिंह यादव राजनीतिक रूप से सक्रिय सदस्यों में गिने जाते हैं. इस यादव फैमिली को बिहार के राजनैतिक रूप से सबसे सशक्त परिवारों में गिना जाता है.
पासवान फैमिली
केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान और उनका परिवार मौजूदा समय में बिहार के दूसरे सबसे सशक्त राजनीतिक परिवारों में से एक हैं.
लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमो राम विलास पासवान इन दिनों खराब स्वास्थ्य की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं जबकि पार्टी की तरफ से चुनाव की कमान उनके बेटे चिराग पासवान ने संभाल रखी है. वो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. इस परिवार में राम विलास के भाई राम चंद्र पासवान और पशुपति कुमार पारस भी पार्टी की राजनीति में सक्रिय भूमिकाओं में हैं.
सिन्हा फैमिली
भले ही ये परिवार अब राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं है लेकिन एक वक्त था जब सिन्हा परिवार बिहार की राजनीति में एक अहम नाम था. इस परिवार की राजनीति में एंट्री डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा के साथ हुई जो 1946 से 1957 तक बिहार के उप मुख्यमंत्री रहे. बाद में उनके बेटे सत्येंद्र नारायण सिन्हा बिहार के मुख्यमंत्री बने.
सत्येंद्र नारायण की पत्नी किशोरी सिन्हा सांसद भी रहीं. जबकि उनके निखिल को केरल का गवर्नर बनने का गौरव हासिल हुआ. निखिल की पत्नी श्यामा सांसद रही और भतीजे डॉ. विजय कुमार बिहार सरकार में बिहार सरकार में मंत्री रहे.
इस परिवार के रामेश्वर प्रसाद सिन्हा, एनके सिंह, उदय सिंह, माधुरी सिंह भी राजनीति रूप से अभी भी सक्रिय हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में उदय सिंह बिहार के सबसे धनी उम्मीदवारों में पहले नंबर पर थे.
मिश्रा फैमिली
पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा का परिवार भी बिहार के सक्रिय राजनैतिक परिवारों में एक है. हालांकि अब इस परिवार की राजनीतिक सक्रियता कम है. ललित नारायण के पोते ऋषि मिश्रा जनता दल यूनाइटेड के सक्रिय नेता और विधायक हैं. जबकि पोती पूजा मिश्रा ब्रिटेन में राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय हैं.
इस परिवार से ललित नारायण की पत्नी कामेश्वरी देवी के बाद उनके पुत्र विजय कुमार मिश्रा की गिनती उस वक्त के बेहद सक्रिय और जुझारू नेताओं में होती थी. विजय कुमार पूर्व सांसद के साथ तीन बार विधायक भी रहे हैं.
ललित नारायण के भाई जगन्नाथ मिश्रा को केंद्रीय मंत्री और बिहार का मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला. जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नितीश मिश्रा और इसी परिवार से जुड़े गौरी शंकर राजहंस भी राजनीतिक रूप से सक्रिय सदस्य हैं.
ठाकुर जुगल किशोर सिन्हा फैमिली
बिहार की राजनीति में डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा के अलावा एक और सिन्हा फैमिली का एक वक्त था. इस परिवार के अग्रज थे देश में सहकारिता आंदोलन के प्रणेता ठाकुर जुगल किशोर सिन्हा.
वह देश की पहली लोकसभा के सदस्य भी थे. उनकी पत्नी राम दुलारी सिन्हा का भी राजनीतिक कद बड़ा था. बाद में उनके बेटे मधुरेन्द्र कुमार सिंह और इसके बाद मधुरेन्द्र के बेटे मृगेन्द्र कुमार सिंह अपने अपने समय में कांग्रेस के धुंरधर नेताओं के रूप में प्रचलित रहे.
जगजीवन राम फैमिली
भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम भी बिहार से ताल्लुक रखते थे. उनके बाद उनकी राजनीतिक विरासत बेटी मीरा कुमार संभाल रही हैं. वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री मीरा कुमार को लोकसभा में पहली महिला स्पीकर बनने का अवसर भी प्राप्त हुआ.
चंद्रशेखर सिंह फैमिली
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह केंद्रीय मंत्री भी थे. उनके परिवार से उनकी पत्नी मनोरमा सिंह भी लोकसभा सदस्य बनीं. इसके बाद इस परिवार की राजनीतिक बड़ी उपलब्धि नहीं रही.
जगदेव प्रसाद फैमिली
स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के दिग्गज नेता जगदेव प्रसाद के परिवार में उनके समधी सतीश प्रसाद सिंह को बिहार का मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला. जबकि जगदेव के बेटे नागमणि केंद्रीय मंत्री रहे.
रमा देवी फैमिली
बिहार के शिवहर की पूर्व सांसद रमा देवी का परिवार भी कुछ हद तक राजनीतिक रूप से सक्रिय और सबल रहा. रमा देवी के पति बृज बिहारी प्रसाद बिहार सरकार में मंत्री रहे जबकि उनके दामाद रवीश कुमार फिनलैंड में भारत के राजदूत रहे.
रंजन फैमिली
इस परिवार में फिलहाल दो चर्चित नाम हैं. पप्पू यादव और रंजीत रंजन.
आजाद फैमिली
इस परिवार में भागवत झा आजाद बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. जबकि उनके बेटे कीर्ति आजाद दरभंगा सीट से सांसद हैं और राजनीतिक रूप से सक्रिय भी हैं.
ये भी पढ़ें