
कांग्रेस ने शकील अहमद का निलंबन वापस ले लिया है. उन्हें पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था. शकील अहमद ने बिहार की मधुबनी लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था.
वह यूपीए के उम्मीदवार के खिलाफ मैदान में उतरे थे. पार्टी-विरोधी गतिविधियों के कारण उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन अब बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनका निलंबन वापस ले लिया गया है.
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शकील अहमद ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के फैसले के खिलाफ जाकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी रण में उतरने का फैसला किया था. महागठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस के अध्यक्ष रहे राहुल गांधी से इस बात की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्होंने पार्टी की अनुशासन समिति की बैठक बुलाई और अहमद के खिलाफ एक्शन लेने का आदेश दिया.
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शकील अहमद मधुबनी लोकसभा सीट से साल 1998 और 2004 में सांसद रह चुके हैं. वह 1985, 1990 और 2000 में विधायक भी थे. शकील अहमद राबड़ी देवी की अगुवाई वाली बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने 2004 में मनमोहन सिंह सरकार में संचार, आईटी और गृह राज्य मंत्री का कार्यभार भी संभाला है.