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बिहार चुनाव: कोरोना भी नहीं कम कर पाया वोटर्स का जोश, टूट सकता है 2015 का रिकॉर्ड

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि महामारी का असर मतदान के प्रतिशत पर नहीं दिखा. लोकसभा चुनाव में डाले गए मतों के जितना ही मत प्रतिशत जाता दिख रहा है. चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक, बिहार में पहले चरण के तहत 54.26 फीसदी मतदान हुआ. कई बूथों पर मतदान देर शाम तक चलता ही रहा.

विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान उत्साहजनक रहा (फोटो- PTI) विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान उत्साहजनक रहा (फोटो- PTI)
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 12:25 AM IST
  • बिहार में पहले चरण के तहत विधानसभा की 71 सीटों पर वोटिंग
  • विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान उत्साहजनक रहा
  • महामारी का असर मतदान के प्रतिशत पर नहीं दिखा: चुनाव आयोग

बिहार में पहले चरण के तहत बुधवार को विधानसभा की 71 सीटों पर वोटिंग हुई. विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान उत्साहजनक रहा. आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान मत प्रतिशत का रिकॉर्ड टूट सकता है.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि महामारी का असर मतदान के प्रतिशत पर नहीं दिखा. चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक, बिहार में 54.26 फीसदी मतदान हुआ. कई बूथों पर मतदान देर शाम तक चलता ही रहा. यानी आंकड़ा कुछ और बढ़ने के आसार बने हुए हैं. 

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सुनील अरोड़ा ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में 53.92 फीसदी और 2015 विधानसभा चुनाव में करीब 55 फीसदी मत पड़े थे. सीईसी सुनील अरोड़ा ने बिहार के मतदाताओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में लोकतंत्र के प्रति अपने सर्वोच्च कर्तव्य को निभाया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों ने भी काफी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाई. 

निर्वाचन आयोग के सेक्रेटरी जनरल उमेश सिन्हा ने बताया कि कई बूथों पर मतदान का समय सात बजे तक बढ़ाया गया है. निर्वाचन उप आयुक्त चंद्रभूषण ने बताया दो करोड़ 15 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने पहले चरण में अब तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है. 72 हजार से ज्यादा सर्विस वोटर और 83 हजार के लगभग पोस्टल बैलेट से मतदान हुआ है.

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उन्होंने कहा कि मास्क, सैनिटाइजर, फेस शील्ड, तापमान मापक मशीन से लैस सभी मतदाताओं ने जरूरी प्रोटोकॉल सहित सामाजिक दूरी का पालन किया. इस बार मतदान के लिए समय एक घंटा बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि कुछ जगह सात बजे से तीन बजे तक था तो कहीं सुबह सात से चार और पांच बजे तक, लेकिन आमतौर पर शाम छह बजे तक समय तय था. 

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निर्वाचन उप आयुक्त चंद्रभूषण ने कहा कि जमुई सहित कुछ इलाकों में तो सात बजे तक मतदान का समय बढ़ाया गया. आचार संहिता उल्लंघन और अन्य आरोपों में अब तक 89 मुकदमे आईपीसी और एनडीएमए के तहत दर्ज किए गए हैं. 

मतदान के दौरान ईवीएम में खराबी की घटनाएं बहुत मामूली रहीं. कुल ईवीएम में से 0.22% बदलनी पड़ीं, जबकि कंट्रोल यूनिट बदलने का आंकड़ा थोड़ा ज्यादा यानी 0.25% रहा.


 

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