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बिहार में एनडीए को बड़ा झटका मिलता दिख रहा है. एग्जिट पोल में उसके पास से सत्ता जाती दिख रही है. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन सरकार बना सकती है. 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में महागठबंधन को 139-161 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, एनडीए 100 के अंदर सिमट सकता है. एनडीए के खाते में 69-91 सीटें जा सकती हैं. वहीं एलजेपी को 3-5 सीटें मिल सकती हैं.
इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, महागठबंधन कोसी क्षेत्र की 31 में से 23 सीटें जीत सकती है. वहीं, एनडीए आठ सीटों पर कब्जा कर सकती है.
इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल ने अनुमान लगाया है कि महागठबंधन की तुलना में एनडीए चंपारण क्षेत्र में अधिक वोट शेयर के बावजूद पिछड़ जाएगा. क्षेत्र की 18 सीटों में से महागठबंधन को 42 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 10 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि एनडीए 44 प्रतिशत वोट शेयर के साथ आठ सीटें जीत सकती है.
इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, महागठबंधन भोजपुर क्षेत्र की 49 में से 33 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है. एनडीए को 9 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एलजेपी को एक सीट मिल सकती है. वोट शेयर की बात करें तो एनडीए को 33 प्रतिशत और महागठबंधन को 45 प्रतिशत का अनुमान है.
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सीमाचंल में विधानसभा की 24 सीटें हैं. यहां पर भी महागठबंधन एनडीए पर हावी दिख रहा है. मुस्लिम बहुल इस इलाके में महागठबंधन को 15, एनडीए को 6, जीडीएसएस को 3 सीट मिलने का अनुमान है. अब तक हमने जो आंकड़े दिखाए हैं उसमें महागठबंधन एनडीए पर हावी दिख रहा है.
पाटलिपुत्र के बाद मिथिलांचल में भी महागठबंधन बाजी मारती दिख रही है. मिथिलांचल की 60 सीटों में उसे 36 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं एनडीए को 23 सीटें मिलने का अनुमान है.
पाटलिपुत्र में महागठबंधन बाजी मारती दिख रही है, 61 सीटों में से उसे 33 सीटे मिलने का अनुमान है. वहीं, एनडीए के खाते में 26 सीटें जाती दिख रही है. एलजेपी के खाते में 1 और अन्य के खाते में भी एक सीट जा सकती हैं.
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एग्जिट पोल में महिला वोटर्स के बीच तेजस्वी यादव सबसे लोकप्रिय हैं. तेजस्वी यादव को 43 फीसदी वोट मिले, नीतीश कुमार को 42 फीसदी और चिराग पासवान को 7 फीसदी वोट मिले हैं.
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एग्जिट पोल में 44 फीसदी लोगों ने तेजस्वी यादव को बिहार का अगला मुख्यमंत्री माना है. वहीं, 35 फीसदी लोगों ने नीतीश कुमार को, 3 फीसदी ने सुशील कुमार मोदी को अगला सीएम माना है. 7 फीसदी लोगों ने एलजेपी के प्रमुख चिराग पासवान को अगला मुख्यमंत्री माना है.
एग्जिट पोल में पाया गया कि बिहार में 42 फीसदी लोगों ने विकास के मुद्दे पर वोट किया. वहीं, 30 फीसदी बेरोजगारी और 11 फीसदी लोगों ने महंगाई के मुद्दे पर वोट डाला.
गुजरात उपचुनाव में बीजेपी को 49 फीसदी वोट और कांग्रेस को 40 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. वहीं बीजेपी के खाते में 6-7 सीट और कांग्रेस के खाते में 0-1 सीट जाती दिख रही हैं. गुजरात में 8 सीटों पर उपचुनाव हुए थे.
यूपी के उपचुनाव में बीजेपी को 37 फीसदी वोट और सपा को 27 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. बीएसपी को 20 फीसदी और कांग्रेस को 8 फीसदी वोट मिले सकते हैं. बता दें कि यूपी में 7 सीटों पर वोट डाले गए थे. सीटों की बात करें तो बीजेपी को 5-6 और सपा को 1-2 सीट मिलने का अनुमान है.
मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में बीजेपी ने बाजी मारी है. बीजेपी के खाते में 16-18 सीटें और कांग्रेस के खाते में 10-12 सीटें जा सकती हैं. ऐसे में शिवराज सिंह चौहान राज्य में अपनी सरकार बचाते हुए दिख रहे हैं. बीजेपी को 46 फीसदी वोट तो वहीं कांग्रेस को 43 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. शिवराज सिंह चौहान सरकार बचाते तो दिख रहे हैं, लेकिन कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में कमलनाथ सेंध मारते दिख रहे हैं.
आरजेडी के मृत्युंजय तिवारी ने 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने जा रही और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे.
बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि लोकतंत्र की जीत हो चुकी है. कोरोना काल में भी बंपर वोटिंग हुई. उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार बनने जा रही है. बीजेपी के साथ जनता जुड़ी हुई है.
बिहार में चुनाव प्रचार में रोजगार का मुद्दा हावी रहा. बीजेपी ने जहां 19 लाख नौकरियों का वादा किया तो वहीं आरजेडी ने 10 लाख नौकरियों का. इसके अलावा चुनावी रैलियों में राम मंदिर, धारा 370, आरक्षण, पुलवामा, पाकिस्तान, चीन, सीएए-एनआरसी और घुसपैठ जैसे मुद्दे भी उठाए गए. NDA के मुख्यमंत्री उम्मीदवार नीतीश कुमार अपने चुनावी कैंपेन में अपनी 7 निश्चय योजनाओं का जिक्र करने के साथ-साथ जंगलराज का डर दिखाते नजर आए. नीतीश कुमार ने लालू राज के बहाने आरजेडी पर जमकर निशाना साधा.
2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (जिसमें जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस साझा मंच पर थे) ने 178 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 58 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था. महागठबंधन की ओर से नीतीश कुमार सीएम बने. हालांकि, 2017 में वो महागठबंधन से अलग हो गए और NDA में शामिल हुए. लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर उनका कब्जा कायम रहा. वो 15 साल से बिहार के सीएम हैं.
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प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन (PDA) में जन अधिकार पार्टी (JAP), बहुजन मुक्ति पार्टी (BMP), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), आजाद समाज पार्टी (ASP) शामिल है. इनमें से JAP 152, BMP 45, SDPI 12 और ASSP 4 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.
NDA और महागठबंधन के अलावा ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट भी बिहार चुनाव में किस्मत आजमा रही है. ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट (JDSF) में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP),बहुजन समाज पार्टी (BSP), ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM),समाजवादी जनता दल लोकतांत्रिक (SJDD), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) और जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) शामिल हैं. इनमें से RLSP 99, बसपा, 78, AIMIM 20, SJDD 19, SBSP 2, JP(S) 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.
243 सदस्यीय विधानसभा के लिए लगभग 7.30 करोड़ पात्र मतदाता हैं, जिनमें से 78 लाख पहली बार अपने वोटिंग अधिकार का प्रयोग किए. अहम स्टेकहोल्डर्स में से एक तरफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए ) का सत्तारूढ़ गठबंधन है, जिसमें चुनवी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दल-यूनाइटेड ने 115 सीटों, भारतीय जनता पार्टी ने 110, विकासशील इनसान पार्टी ने 11 और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने 7 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. दूसरी तरफ विपक्ष के महागठबंधन में मुख्य रूप से लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (इस चुनाव में उनके बेटे तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के चेहरे हैं) ने 144 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. महागठबंधन के अन्य सहयोगियों में कांग्रेस 70, सीपीआई-एमएल 19, सीपीआई 6 और सीपीआईएम 4 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.
इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया का पिछला रिकॉर्ड अपने आप में ही सब कुछ कहता है. इसकी बानगी देखिए. 2013 से 2020 के बीच भारत में आज तक हुए सभी चुनावों में इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के चुनाव उपरांत सर्वेक्षणों ने 95 प्रतिशत मामलों में नतीजों को लेकर सबसे निश्चित और सटीक अनुमान लगाए. 2013 से, एक्सिस माय इंडिया ने 40 पोस्ट-पोल (चुनाव उपरांत) सर्वेक्षण किए हैं, जिनमें से 38 बिल्कुल ठीक निशाने पर रहे. 2016 में इंडिया टुडे के साथ एक्सिस माय इंडिया के जुड़ाव के बाद से, मतदान सर्वेक्षकों ने 35 चुनावों की भविष्यवाणी की है, जिनमें से 33 सही साबित हुईं. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत, के 2019 आम चुनावों के लिए इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया की ओर से संचालित सबसे बड़े एग्जिट पोल में बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए के लिए 339-365 सीटों और यूपीए के लिए 77-108 सीटों की भविष्यवाणी की गई. लोकसभा चुनाव के नतीजे आए तो एनडीए को 352 और यूपीए को 92 सीटें मिलीं.
बिहार में 10 नवंबर को वोटों की गिनती होगी. नतीजों से पहले बिहार के मूड का हाल आजतक के एग्जिट पोल में पता चल जाएगा. एग्जिट पोल में संभावित विजेताओं और पराजितों के बारे में एक मोटी तस्वीर जानने को मिल जाएगी. नतीजों की मोटी तस्वीर या खाका इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जब यह जानना होता है कि किस ने किस उम्मीदवार और पार्टी को वोट दिया और किसको खारिज कर दिया, तो इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया जोड़ का नाम लोगों के जेहन में सबसे पहले आता है.