
बिहार के पूर्व डीजीपी और चुनाव से तुरंत पहले जेडीयू में शामिल हुए गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ कर दिया है कि वे इस बार बिहार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.
इससे पहले जेडीयू ने अपने 115 सीटों पर उम्मीदवारों की जो लिस्ट जारी की थी, उसमें किसी सीट से भी गुप्तेश्वर पांडेय का नाम नहीं था.
बक्सर से बीजेपी ने परशुराम चतुर्वेदी को दिया टिकट
गुप्तेश्वर पांडेय जिस बक्सर सीट से चुनाव लड़ना चाह रहे थे वो बीजेपी के खाते में चली गई. जब जेडीयू ने उनके नाम की घोषणा नहीं कि तो कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी बक्सर से उन्हें चुनाव लड़वा सकती है. लेकिन उनके समर्थकों के इस उम्मीद पर भी तब पानी फिर गया जब बीजेपी ने बक्सर से परशुराम चतुर्वेदी के नाम की घोषणा कर दी.
नहीं लड़ रहा हूं चुनाव- गुप्तेश्वर
इसके बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने लंबी सफाई दी और कहा, "अपने अनेक शुभचिंतकों के फोन से परेशान हूं, मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं. मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा. हताश निराश होने की कोई बात नहीं है. धीरज रखें. मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है. मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा. कृपया धीरज रखें और मुझे फोन नहीं करे. बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है."
बक्सर के लोगों को प्रणाम
बक्सर का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी लिखा है कि अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहां के सभी जाति मजहब के सभी बड़े-छोटे भाई-बहनों माताओं और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम! अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें.
बता दें सुशांत सिंह राजपूत खुदकुशी केस की जांच के दौरान गुप्तेश्वर पांडेय अपने बयानों से चर्चा में आए थे. पिछले महीने गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार डीजीपी के पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था. तभी से इस बात की चर्चा हो रही थी कि वे जेडीयू के टिकट पर बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं.