
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी दल जेडीयू ने बुधवार को अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सह पूर्व मंत्री मंजू वर्मा का है.
दरअसल मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा की काफी किरकिरी हुई थी जिसके बाद सीएम नीतीश कुमार ने उनसे इस्तीफा ले लिया था. इतना ही नहीं मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की सीबीआई ने जांच की थी. जिसमें 17 अगस्त 2019 को सीबीआई ने मंजू वर्मा के पैतृक आवास श्रीपुर गांव में छापेमारी की थी. जहां से पुलिस ने 117 अवैध कारतूस बरामद किए थे. इस मामले में सीबीआई ने मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा पर आर्म्स एक्ट के तहत चेरिया बरियारपुर थाना में मामला दर्ज कराया था.
मंजू वर्मा को मिला टिकट
बाद में काफी खोजबीन के बाद भी मंजू वर्मा जब गिरफ्तार नहीं हुई तो न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मंजू वर्मा के घर की 17 नवंबर 2018 को कुर्की जब्ती की थी. जिसके बाद मंजू वर्मा चुपके से मंझौल अनुमंडल न्यायालय में 20 नबंवर 2018 को आत्मसमर्पण किया था. इस मामले में पति-पत्नी दोनों कई माह तक बेगूसराय मंडल जेल में बंद रहे और बाद में जमानत पर बाहर आई.
चेरिया बरियारपुर विधानसभा से मिला टिकट
मंत्री पद गंवाने वाली पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा पर अब एक बार फिर भरोसा जताते हुए नीतीश कुमार ने चेरिया बरियारपुर विधानसभा से टिकट दिया है. मंजू वर्मा पहली बार साल 2010 में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के तहत जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ी थी. एलजेपी के अनिल चौधरी को लगभग 1000 मतों से शिकस्त देकर विधायक बनी थी. 2015 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन अलग हुआ और एक बार फिर नीतीश कुमार ने मंजू वर्मा पर भरोसा जताते हुए महागठबंधन के तहत जेडीयू से टिकट दिया और मंजू वर्मा लगभग 30000 वोट से चुनाव जीत गईं. इस बार भी मंजू वर्मा के सामने बीजेपी गठबंधन के तहत एलजेपी के अनिल चौधरी ही उम्मीदवार थे.
अब 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने एनडीए के तहत जेडीयू से उन्हें टिकट दिया है. मंजू वर्मा 2015 में दूसरी बार चुनाव जीतीं तो उन्हें नीतीश सरकार ने समाज कल्याण मंत्री बनाया था लेकिन मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में भारी किरकिरी के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
31 अगस्त 2020 को मंजू वर्मा ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर कहा था कि सीबीआई जांच में वे और उनके पति निर्दोष साबित हुए हैं. ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से टिकट की उम्मीद है और पटना में भी मुख्यमंत्री से मिलकर टिकट की मांग की थी जो अब साफ हो गया और फिर से नीतीश कुमार ने उन्हें टिकट दे दिया है. (इनपुट- सौरभ कुमार)