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मोकामा विधानसभा सीट: चार बार से है बाहुबली अनंत सिंह का कब्जा, क्या फिर मारेंगे बाजी?

बिहार में हर विधानसभा सीट का अपना एक प्रभाव है, इन्हीं में से एक है राज्य की पॉपुलर सीट मोकामा विधानसभा. यहां से बाहुबली अनंत सिंह विधायक हैं और लंबे वक्त से उनका ही दबदबा है.

बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह
मोहित ग्रोवर
  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:35 PM IST
  • बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ी
  • मोकामा विधानसभा सीट पर सभी की नजर
  • अनंत सिंह 2005 से हैं यहां के विधायक

बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है, अब दस नवंबर को नतीजों का इंतजार है. बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर इस बार 28 अक्टूबर को वोट डाले गए, यहां कुल 54.03 फीसदी मतदान हुआ.

बिहार में हर विधानसभा सीट का अपना एक प्रभाव है, इन्हीं में से एक है राज्य की पॉपुलर सीट मोकामा विधानसभा. यहां से बाहुबली अनंत सिंह विधायक हैं और लंबे वक्त से उनका ही दबदबा है. ऐसे में अब एक बार फिर जब चुनावी दंगल जारी है, तो हर किसी की नज़र उन्हीं पर है. JDU का साथ छूटने के बाद अनंत सिंह ने यहां से निर्दलीय ही हाथ आजमाया था और जीत गए थे.

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कौन-कौन है मैदान में?
राजद – अनंत सिंह
आरएलएसपी – दिलराज रौशन
जनता दल (यू) – राजीव नारायण सिंह
लोक जनशक्ति पार्टी – सुरेश सिंह निषाद

कब होना है चुनाव? 
पहला चरण – 28 अक्टूबर
नतीजा – दस नवंबर

मोकामा की राजनीतिक पृष्ठभूमि
मोकामा विधानसभा का इतिहास हमेशा से ही बाहुबली छवि के नेता के साथ रहा है, फिर चाहे वो किसी भी राजनीतिक दल का हो. लगातार चार बार से अनंत सिंह चुनाव जीत रहे हैं, उनसे पहले उनके भाई दिलीप कुमार सिंह चुनाव जीत चुके हैं. इसके अलावा सूरज सिंह भी यहां से विधायक रह चुके हैं. मोकामा विधानसभा सीट 1951 में ही बन गई थी और तभी से ही सामान्य सीट है. कई बार इस सीट पर एक व्यक्ति बार-बार चुनाव जीता है. मोकामा बिहार की विधानसभा सीट संख्या 178 है.

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क्या कहता है सामाजिक तानाबाना?
मोकामा के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण है और यहां पर भूमिहार जाति का दबदबा है. अनंत कुमार सिंह खुद भी इसी जाति से आते हैं, ऐसे में चुनाव में उन्हें फायदा मिलता है. साथ ही उनकी बाहुबली वाली छवि लाभ पहुंचाती आई है. 2015 चुनाव के आंकड़ों के अनुसार, यहां करीब ढाई लाख वोटर हैं जिनमें से 1.30 लाख पुरुष और 1 लाख के करीब महिला वोटर हैं.

2015 में क्या रहा था चुनावी नतीजा?
नीतीश कुमार से अनबन होने के बाद अनंत सिंह ने पिछले चुनाव में निर्दलीय ही पर्चा भर दिया था और वो जीत भी गए थे. 2015 में अनंत सिंह को यहां पर 54 हजार से अधिक वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के नीरज कुमार रहे थे जिन्हें सिर्फ 35 हजार वोट मिल पाए थे. यानी निर्दलीय रहते हुए भी अनंत सिंह ने अपना दबदबा कायम रखा.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में ऐसा नाम हैं, जो हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. बाहुबली छवि वाले नेता पर कई मामले दर्ज हैं, फिलहाल एके-47 रखने के मामले में अनंत सिंह जेल की हवा काट रहे हैं. हालांकि, बीच-बीच में वो जमानत और पैरोल पर बाहर आते रहते हैं. अनंत सिंह पिछले चार बार से मोकामा विधानसभा सीट से विधायक हैं, 2005, 2005 (उपचुनाव), 2010 में वो जदयू से चुनाव जीते, लेकिन उसके बाद जब 2015 में नीतीश-लालू की जोड़ी साथ आई तो उन्होंने निर्दलीय पर्चा भर दिया. अब एक बार अनंत सिंह चुनाव लड़ने को तैयार हैं, उन्होंने RJD से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है हालांकि अभी पार्टी ने ऐसी कोई बात नहीं कही है.

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