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मुंगेर विधानसभा सीट: बीजेपी और RJD में होगा मुकाबला, इस बार कौन मारेगा बाजी?

2015 के चुनाव में आरजेडी के विजय कुमार ने बीजेपी के प्रणव कुमार को मात दी थी. उन्होंने 4 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी. विजय कुमार को 77216 (45.63 फीसदी) और प्रणव कुमार को 72851 (43.05 फीसदी) वोट मिले थे.

क्या 2015 की हार का बदला ले पाएगी बीजेपी (फाइल फोटो) क्या 2015 की हार का बदला ले पाएगी बीजेपी (फाइल फोटो)
देवांग दुबे गौतम
  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:38 PM IST
  • मुंगेर विधानसभा सीट साल 1957 में अस्तित्व में आई
  • आरजेडी और बीजेपी के बीच टक्कर
  • 2015 में आरजेडी को मिली थी जीत

बिहार की मुंगेर विधानसभा सीट राज्य की अहम विधानसभा सीटों में से एक है. मुंगेर में विधानसभा का पहला चुनाव साल 1957 में हुआ था. तब कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. मुंगेर में किसी एक पार्टी का दबदबा नहीं रहा है. यहां पर शुरुआती चुनावों में कांग्रेस को जीत मिलती रही. मुंगेर में अब आरजेडी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होता है. दोनों ही पार्टियों के बीच यहां पर कड़ी टक्कर देखने को मिलती है. 2015 के चुनाव में आरजेडी के विजय कुमार ने जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के प्रणव कुमार को मात दी थी. 

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सामाजिक ताना-बाना

मुंगेर विधानसभा सीट बिहार के मुंगेर जिले में आती है. मुंगेर का किला ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है. बंगाल के अंतिम नवाब मीरकासिम का प्रसिद्ध किला यहीं पर स्थित है. यह किला गंगा नदी के किनारे बना हुआ है. 2011 की जनगणना के अनुसार, मुंगेर की कुल जनसंख्या 456751  है. इसमें से 52.22% ग्रामीण और 47.78% शहरी आबादी है. अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या से क्रमशः 9.63 और 0.3 है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

मुंगेर विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई. यहां पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की. कांग्रेस अगले चुनाव में भी जीत को कायम रखती है. लेकिन 1967 के चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा.

1967 और 1969 के चुनाव में हार मिलने के बाद कांग्रेस को 1972 में जीत मिली. लेकिन 1977 के चुनाव में कांग्रेस को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा. 1972 में मिली जीत कांग्रेस को मुंगेर में मिली आखिरी जीत थी.

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राज्य की मुख्य पार्टी आरजेडी को यहां पर पहली बार जीत 2000 में मिलती है.  इसके बाद अगले ही चुनाव में ही उसे हार मिली और जेडीयू ने इस सीट पर कब्जा किया. जेडीयू को 2005 के उपचुनाव में भी जीत मिली, लेकिन 2009 के उपचुनाव में उसे आरजेडी के हाथों हार का सामना करना पड़ा.पिछले दो चुनावों पर नजर डालें तो मुंगेर में 2010 में जेडीयू के अनंत कुमार ने आरजेडी उम्मीदवार को मात दी, लेकिन अगले ही चुनाव में आरजेडी हार का बदला लेती है. और विजय कुमार विधायक चुने जाते हैं.  

2015 का जनादेश

2015 के विधानसभा चुनाव में मुंगेर में 311957 मतदाता थे. इसमें से 54.44 फीसदी पुरुष और 45.44 महिला वोटर्स थीं. मुंगेर में 169256 लोगों ने वोटिंग की थी. यहां पर 54 फीसदी मतदान हुआ था. इस चुनाव में आरजेडी के विजय कुमार ने बीजेपी के प्रणव कुमार को मात दी थी. उन्होंने 4 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी. विजय कुमार को 77216 (45.63 फीसदी) और प्रणव कुमार को 72851 (43.05 फीसदी) वोट मिले थे.

विधायक के बारे में

3 मार्च  1952 को जन्मे विजय कुमार की शैक्षणिक योग्यता एलएलबी है. उन्होंने 1974 में छात्र आंदोलन से राजनीति में एंट्री की. वह 2015 में चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे. इससे पहले 1998 का चुनाव जीतकर वह पहली बार सांसद बने थे. विजय कुमार परिवहन एवं पर्यटन विभाग के स्थायी समिति के सदस्य रह चुके हैं. वह कई वर्षों तक आरजेडी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं.

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ये प्रत्याशी हैं मैदान में

मुंगेर विधानसभा सीट पर 15 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां से आरजेडी के अविनाश कुमार विद्दार्थी और बीजेपी के प्रणव कुमार प्रत्याशी हैं. मुंगेर में मुकाबला इन्हीं दोनों उम्मीदवारों के बीच है.

कितनी हुई वोटिंग

मुंगेर में पहले चरण के तहत मतदान हुआ. यहां पर 28 अक्टूबर को वोटिंग हुई. मुंगेर में 49.02 फीसदी मतदान हुआ. मतगणना 10 नवंबर को की जाएगी.
 


 

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