
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार मुजफ्फरपुर विधानसभा सीट पर भी सबकी नजरें बनी रहने वाली है. पिछले दो विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरपुर की सीट भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खाते में गई है. वहीं इस बार बीजेपी इस सीट पर हैट्रिक बनाने के इरादे से चुनावी मैदान में उतर सकती है.
साल 2015 विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरपुर सीट से बीजेपी के सुरेश कुमार शर्मा ने जीत हासिल की थी. सुरेश कुमार शर्मा ने जेडीयू के बिजेंद्र चौधरी को 29739 वोटों से शिकस्त दी थी. हालांकि इस बार बीजेपी और जेडीयू मिलकर बिहार चुनाव लड़ने वाले हैं. ऐसे में इस सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प देखने को मिल सकता है.
इस सीट पर 7 नवंबर 2020 को मतदान हुआ. इस बार इस सीट से बीजेपी की तरफ से सुरेश कुमार शर्मा को टिकट दिया गया है. वहीं कांग्रेस ने बिजेंद्र चौधरी को मैदान में उतारा है. इस सीट पर 52.51 फीसदी वोटिंग हुई.
2015 का चुनाव परिणाम
साल 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरपुर विधानसभा सीट पर कुल 297952 मतदाता थे. वहीं 173389 मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल किया. इसमें से सबसे ज्यादा वोट सुरेश कुमार शर्मा को मिले. बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ रहे सुरेश कुमार को 95594 वोट हासिल हुए. वहीं दूसरे नंबर पर जेडीयू के बिजेंद्र चौधरी रहे. बिजेंद्र को 65855 वोट हासिल हुए. 2015 के विधानसभा चुनावों में यहां 58.24% मतदान हुआ था.
विधायक के बारे में
सुरेश कुमार शर्मा लगातार दो बार से बीजेपी की टिकट पर मुजफ्फरपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं. सुरेश कुमार मुजफ्फरपुर से बीजेपी के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा बिहार सरकार में नगर विकास एंव आवास विभाग भी संभाल चुके हैं. सुरेश कुमार ने डिप्लोमा इन ऑटोमोबाइल किया हुआ है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मुजफ्फरपुर विधानसभा सीट पर अब तक सबसे ज्यादा बार कांग्रेस चुनाव जीती है. हालांकि 1990 के बाद से कांग्रेस को इस सीट पर जीत नसीब नहीं हुई है. वहीं पिछले दो चुनाव से इस सीट पर लगातार बीजेपी जीत दर्ज करने में कामयाब हुई है. इस बार भी बीजेपी के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं.
सामाजिक समीकरण
मुजफ्फरपुर विधानसभा बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित है. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां कुल 416026 जनसंख्या में से 11.64% ग्रामीण है और 88.36% शहरी आबादी है. अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या में क्रमशः 9.47 और 0.29 है. 2019 की मतदाता सूची के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 312296 मतदाता और 304 मतदान केंद्र हैं.