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बिहार: पूर्णिया में वोटरों की सुरक्षाबलों से झड़प, पुलिस ने चलाई लाठियां, फायरिंग से फैली दहशत

पूर्णिया की धमदाहा विधानसभा के अलीगंज स्थित बूथ संख्या 282 पर शांतिपूर्ण मतदान चल रहा था. मतदाताओं की लाइन लगी हुई थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान लाइन सीधी करने को लेकर सीआईएसएफ के जवान ने एक वोटर को डंडा मार दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. देखते ही देखते वोटर सुरक्षाबलों पर हावी होने लगे.

अलीगंज स्थित बूथ संख्या 282 की घटना. अलीगंज स्थित बूथ संख्या 282 की घटना.
aajtak.in
  • पूर्णिया,
  • 07 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST
  • अलीगंज स्थित बूथ संख्या 282 की घटना
  • वोटर को डंडा मारने के बाद हुआ बवाल
  • अलीगंज स्थित बूथ संख्या 282 पर शांतिपूर्ण मतदान

बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के दौरान पूर्णिया से बड़ी खबर है. यहां बूथ संख्या 282 पर सुरक्षबलों से वोटरों की झड़प हो गई. बताया गया है कि वोट डालने के लिए लाइन में खड़े एक व्यक्ति को सीआईएसफ के जवान ने डंडा मार दिया,​ जिसके बाद विवाद बढ़ गया. इस दौरान पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं. सुरक्षाबलों द्वारा यहां फायरिंग करने की भी सूचना है. पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. 
 
पूर्णिया की धमदाहा विधानसभा के अलीगंज स्थित बूथ संख्या 282 पर शांतिपूर्ण मतदान चल रहा था. मतदाताओं की लाइन लगी हुई थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान लाइन सीधी करने को लेकर सीआईएसएफ के जवान ने एक वोटर को डंडा मार दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. देखते ही देखते वोटर सुरक्षाबलों पर हावी होने लगे.

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इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस विरोध को शांत करने के लिए लाठियां चलाना शुरू कर दिया. लाठियां चलते ही मौके पर भगदड़ मच गई. लोगों की मानें तो स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षा जवानों ने हवाई फायर भी किये. चार से पांच राउंड गोली चलाई गईं, जिससे दहशत फैल गई. इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया. 

गांव के तीन लोग हिरासत में लिये जाने के बाद ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हिरासत में लिये गये गांव के लोगों को छोड़ा नहीं जाता, तब तक मतदान नहीं करेंगे.

वहीं इस मतदान केंद्र पर हुए बवाल की सूचना के बाद प्रशासन की ओर से एक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. इन अधिकारी ने बताया कि वे यहां गलती से आ गये हैं. वहीं सीआईएसएफ के डीएसपी अभिषेक एम ने भी इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है. (इनपुट- संतोष नायक)

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