
बिहार विधानसभा चुनाव में आज से तीसरे चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. तमाम नेता नामांकन कर रहे हैं. लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी हसनपुर सीट से अपना नामांकन करा रहे हैं. इस मौके पर तेज प्रताप के साथ उनके छोटे भाई और महागठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव भी पहुंचे.
तेज प्रताप यादव ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी. उन्होंने लिखा, ''बिहार के भावी मुख्यमंत्री भाई तेजस्वी यादव (अर्जुन) को साथ लेकर हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दर्ज कराने के लिए पहुंच चुका हूं.''
हसनपुर सीट समस्तीपुर जिले में आती है. तेज प्रताप पिछली बार महुआ सीट से विधायक बने थे, लेकिन इस बार उनकी सीट बदल गई है. एनडीए में ये सीट जेडीयू के खाते में गई है. जेडीयू के टिकट पर राजकुमार राय चुनाव लड़ रहे हैं. राजकुमार मौजूदा विधायक भी हैं.
महुआ से हसनपुर क्यों पहुंचे
दरअसल, सीट बदलने के पीछे उनका पारिवारिक मसला बताया जा रहा है. तेज प्रताप यादव अपनी पत्नी ऐश्वर्या से अलग हो गए हैं. दोनों परिवारों के बीच काफी दूरियां पैदा हो गई हैं. तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय ने कुछ वक्त पहले ही जेडीयू ज्वाइन की थी. खबरें ऐसी आने लगीं कि ऐश्वर्या महुआ सीट से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं. हालांकि, जेडीयू ने उन्हें टिकट नहीं दिया, लेकिन तेज प्रताप हसनपुर शिफ्ट हो गए.
हसनपुर भी महुआ की तरह ही आरजेडी के लिए सेफ सीट के तौर पर देखी जाती है. यहां भी यादव समाज का वोट सबसे ज्यादा है. साथ ही कुशवाहा वोटर भी हैं. इस सीट पर हमेशा यादव जाति के उम्मीदवार को जीत मिलती रही है. जेडीयू के टिकट पर दो बार जीतने वाले राजकुमार राय भी यादव समाज से आते हैं. इस बार उनका मुकाबला तेज प्रताप यादव से है.
सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
तेजस्वी के समस्तीपुर पहुंचने पर तेज प्रताप यादव ने गुलदस्ता देकर अपने छोटे भाई का स्वागत किया जिसके बाद तेज प्रताप के नामांकन में शामिल होने के लिए दोनों एक साथ रोसरा अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय के लिए निकले.
नामांकन करने के लिए जब दोनों भाई जा रहे थे तो उस दौरान सैकड़ों की संख्या में आरजेडी के समर्थक जुलूस की शक्ल में साथ चल रहे थे और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गई. हालांकि, चुनाव आयोग के नियम के अनुसार नामांकन करने के लिए तेज प्रताप के साथ केवल दो ही लोग रोसरा अनुमंडल कार्यालय के अंदर गए जिनमें तेजस्वी और भोला यादव थे.