
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार शुरू हो चुका है. आज केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गोपालगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए आरजेडी पर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार के उन दिनों को याद करो, जब किसी बेटे की नौकरी लगने के बाद मां मोहल्ले में लड्डू नहीं बांट सकती थी. उसे डर था कि उसके बेटे का वेतन जानकर उसका अपहरण न कर लिया जाए.
गोपालगंज में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एनडीए के बीजेपी प्रत्याशी सुभाष सिंह के समर्थन में जनसभा की. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने आरजेडी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब बिहार में लालटेन और कांग्रेस की सरकार थी, तब कोई मां अपने बेटे की नौकरी लगने पर मोहल्ले में लड्डू भी नहीं बांट सकती थी. उसे डर लगता था, कि कहीं उसके बेटे के अच्छे वेतन के बारे में किसी को मालूम पड़ गया, तो बेटे का अपहरण न हो जाए.
स्मृति ईरानी का आरजेडी पर निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि याद दिलाना चाहूंगी बिहार के वो दिन, जब गाड़ी के शोरूम का शीशा तोड़ा जाता था. नई गाड़ियां लूट ली जाती थीं. लूटने वाले कहते थे, कि 'नेता जी' के घर में किसी का विवाह है. वो समय ऐसा था जब विवाह में इस्तेमाल करने के लिए गाड़ियों को लूटा जाता था.
उन्होंने कहा कि एक समय वो भी था, जब दिल्ली से विकास के नाम पर 100 रुपये निकलते थे, लेकिन बिहार आते-आते सिर्फ पांच रुपये ही बचते थे. भ्रष्टाचार इस कदर हावी रहा कि बिहार का विकास नहीं हो पाया. अब मोदी राज में यदि दिल्ली से 100 रुपये आते हैं, तो बिना किसी भ्रष्टाचार के पूरे 100 रुपये पहुंचते हैं.