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किसके झांसे में आए गुप्‍तेश्‍वर पांडेय, 'माया मिली न राम'! वोटर्स ने किया खुलासा

'अरे गुप्‍तेश्‍वर बाबा तो ठगा गए न. कह रहे थे कि राजनीति में आकर समाजसेवा करेंगे. नौकरी में रहते तो कम से कम समाजसेवा करते रहते. अब तो न चुनावे लड़ पा रहे हैं और न नौकर‍िये रही कि समाजसेवा करेंगे. जेके कहने पर नौकरी छोड़े उहे गुप्‍तेश्‍वर बाबा को झाल-मजीरा थमा दिया है. अब बजाते रहे झाल मजीरा'.

Voters Reveals about Gupteshwar Pandey Political Start Voters Reveals about Gupteshwar Pandey Political Start
aajtak.in
  • औरंगाबाद,
  • 17 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 9:04 AM IST
  • वोटर बोले- ठगे गए गुप्तेश्वर पांडेय
  • नौकरी में भला काम कर रहे थे, अब...
  • थमा दिया है झाल-मजीरा, बजाते रहें

'अरे गुप्‍तेश्‍वर बाबा तो ठगा गए न. कह रहे थे कि राजनीति में आकर समाजसेवा करेंगे. नौकरी में रहते तो कम से कम समाजसेवा करते रहते. अब तो न चुनावे लड़ पा रहे हैं और न नौकर‍िये रही कि समाजसेवा करेंगे. जेके कहने पर नौकरी छोड़े उहे गुप्‍तेश्‍वर बाबा को झाल-मजीरा थमा दिया है. अब बजाते रहे झाल मजीरा'. ये कहना है उन मतदाताओं का जिनके जिले में कभी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय एसपी हुआ करते थे. हम बात कर रहे हैं औरंगाबाद जिले की. 

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चुनाव यात्रा के दौरान मुलाकात

द लल्‍लनटॉप की टीम चुनाव यात्रा कवरेज के क्रम में औरंगाबाद जिले में पहुंची थी. मतदाताओं से हुई चर्चा में हाल ही में वीआरएस लेकर राजनीत‍ि में आए राज्‍य के पूर्व डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय की चर्चा आ गई. मतदाताओं ने बताया कि गुप्‍तेश्‍वर पांडेय 90 के दशक में औरंगाबाद में एसपी रह चुके हैं. उनका कार्यकाल अच्‍छा था लेकिन राजनीति में आने का उनका फैसला उतना सही नहीं था. 

ऐसा कोई सगा नहीं जिसको... 

एक मतदाता ने चुटकी ली कि गुप्‍तेश्‍वर बाबा सीएम साहब के झांसे में आकर नौकरी से इस्‍तीफा भी दे दिये और उनका सीएम साहब टिकट भी नहीं दिए. अब तो न नौकरी रही ना ही नेतागिरी रहेगी. वैसे भी कहावत है कि ऐसा कोई सगा नहीं जिसको नीतीश बाबू ने ठगा नहीं. एक अन्‍य मतदाता ने कहा कि उनको (गुप्‍तेश्‍वर पांडेय) नौकरी में बने रहना चाहिए था. अब या तो वो अगले चुनाव की तैयारी करें. जनता के बीच में रह कर जनता की सेवा करें या फ‍िर लोकसभा चुनाव का इंतजार करें. 

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तब पत्‍नी ने बचाई थी नौकरी 

एक मतदाता ने कहा कि पहले भी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय नौकरी छोड़ कर राजनीति में आने की कोशिश कर चुके हैं. लोकसभा चुनाव के टाइम उन्‍होंने इस्‍तीफा दिया था. टिकट पाने की कोशिश भी किए लेकिन बात नहीं बनी. तब उनकी पत्‍नी ही नीतीश कुमार से मिलीं और कहा कि उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी इसलिए इस्‍तीफा दे दिए थे. तब तो नौकरी वापस मिल गई. अब क्‍या करेंगे.

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