ये कहानी है राम मनोहर लोहिया और जय प्रकाश नारायण को अपना गुरु मानने वाले बिहार के मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर की. बिहार चुनाव से पहले कर्पूरी ठाकुर की बात करना इसलिए जरूरी है क्योंकि उनका जीवन इतना सादा और सच्चा था कि दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहने और तीन दशक से अधिक वक्त तक लगातार बिहार चुनाव जीतने के बाद भी वे रिक्शे पर चलते थे.