
कांग्रेस के सीनियर नेता रहे अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल कांग्रेस पार्टी से नाराज नजर आ रहे हैं. ऐसे में आने वाले वक्त में वह पार्टी छोड़ सकते हैं, इसका इशारा उन्होंने अपने ताजा ट्वीट में किया है. फैसल पटेल ने लिखा, 'इंतजार करके थक गया हूं. टॉप लीडरशिप से कोई प्रोत्साहन नहीं मिला है. अपनी तरफ से सभी ऑप्शन खुले रखे हैं.'
बता दें कि लंबी बीमारी के बाद अहमद पटेल का नवंबर 2020 में निधन हो गया था. अब दो साल बाद फैसल पटेल कांग्रेस छोड़ सकते हैं. पिछले साल अप्रैल में ही फैसल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके AAP में जाने के कयास लगाए जा रहे थे.
Tired of waiting around. No encouragement from the top brass. Keeping my options open
— Faisal Patel (@mfaisalpatel) April 5, 2022कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के वफादार माने जाने अहमद पटेल गांधी परिवार के बाद पार्टी के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माने जाते थे. ऐसे में गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले फैसल पटेल ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े करके पार्टी की चिंता बढ़ा दी है. गुजरात में कांग्रेस पिछले 27 सालों से सत्ता से बाहर है और वापसी के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी है.
फैसल पटेल राजनीति में आने के तैयार नहीं थे
बता दें कि अभी तक अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल राजनीति में आने को लेकर मन नहीं बना पा रहे थे. पिछले महीने ही उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि राजनीति में औपचारिक तौर पर आने को लेकर अभी 'आश्वस्त' नहीं हैं. हालांकि वह अपने गृह जिले भरूच और नर्मदा में 'पर्दे के पीछे से' पार्टी के लिए काम करेंगे. साथ ही फैसल ने कहा था एक अप्रैल से, मैं भरूच और नर्मदा जिलों की 7 विधानसभा सीटों का दौरा करूंगा. वहीं, अब उनके द्वारा किए ट्वीट से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.
फैसल पटेल ने पिछले दिनों कहा था कि वो फिलहाल राजनीति में नहीं आ रहे हैं और अभी पार्टी में शामिल होने को लेकर निश्चित नहीं हूं. हालांकि, फैसल ने कहा था कि अगर वह राजनीति में शामिल होते हैं, तो वह चुनावी राजनीति में भाग नहीं लेंगे. वहीं, फैसल पटेल ने पार्टी आलाकमान के प्रति नाराजगी जताई है. माना जा रहा है कि वह कांग्रेस छोड़ सकते हैं. पिछले साल फैसल ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा तेज हो गई थी.
गुजरात में केजरीवाल जोड़तोड़ में जुटे
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात चुनाव को लेकर सियासी जोड़तोड़ में जुटे हैं. पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ केजरीवाल ने शनिवार को दौरा किया है. इस दौरान केजरीवाल ने छोटू वसावा की अगुवाई वाली भारतीय ट्राइबल पार्टी के साथ गठबंधन की थाह लिया. गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में वसावा की पार्टी बीटीपी का सियासी प्रभाव है. ऐसे में आदिवासी समुदाय के वोटों को साधने के लिए केजरीवाल हरसंभव जतन कर रहे हैं.
फैसल पटेल और केजरीवाल की मुलाकात
कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से नाराजगी के बाद फैसल पटेल की केजरीवाल के साथ तस्वीर और ट्वीट वायरल हो रहा है. पिछले साल 3 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी. साथ ही लिखा था कि आखिरकार हमारे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने पर गौरवांवित महसूस कर रहा हूं! एक दिल्ली निवासी के रूप में, मैं उनके वर्क इथिक्स और नेतृत्व कौशल का एक अग्रणी प्रशंसक हूं. मानवता पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव और देश में वर्तमान राजनीतिक मामले पर चर्चा की. वहीं, आम आदमी पार्टी को गुजरात में एक विश्वसनीय चेहरे की तलाश में भी है, जिसके चलते फैसल पटेल को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं.