
गुजरात विधानसभा चुनाव में छोटा उदयपुर सीट काफी अहम मानी जाती है. इस सीट पर मोहनसिंह राठवा का दबदबा रहा है. वह कांग्रेस के विधायक हैं. कुछ महीने पहले उन्होंने चुनाव न लड़ने की बात कहकर राज्य के साथ ही इस सीट पर होने वाले मुकाबले को दिलचस्प कर दिया था.
उन्होंने कहा था कि मैंने लगातार 11 बार चुनाव लड़ा, जिसमें 10 बार जीता. जेतपुर पावी, बोडेली और छोटा उदयपुर तालुका के मतदाताओं ने मुझे सबसे अधिक बार आशीर्वाद देकर गुजरात विधानसभा में भेजा. मैं अब 76 साल का हो गया हूं. मुझे लगता है कि युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए.
राठवा के इस ऐलान के बाद ये तो क्लियर हो गया था इस सीट पर होने वाला मुकाबला काफी कड़ा होगा. हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा है कि भले ही उन्होंने चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया हो लेकिन उनका प्रभाव बरकरार है.
गौरतलब है कि मोहनसिंह राठवा ने दो बार लोकसभा चुनाव लड़ा. 1980 में और 1985 में छोटा उयदयपुर में जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अमरसिंह राठवा के खिलाफ चुनाव लड़ा. हालांकि उन्हें राजनीतिक जीवन में पहली बार हार का सामना करना पड़ा था. साल 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा.